'जंग करने के लिए जमीन का इस्तेमाल न करने दें...', ईरानी राष्ट्रपति ने खाड़ी देशों को चेताया

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि वो अपनी जमीन का इस्तेमाल हमलों के लिए न करें. पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान पहले हमला नहीं करता, लेकिन अगर उसके बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया गया तो कड़ा जवाब देगा.

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पेजेश्कियान ने खाड़ी देशों को अलर्ट किया है. (File Photo- Reuters) पेजेश्कियान ने खाड़ी देशों को अलर्ट किया है. (File Photo- Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:13 AM IST

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग को एक महीना हो गया है. मिसाइल अटैक और बमबारी के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है. पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा  है कि खाड़ी देशों को हमलों के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल न करने दें.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने लिखा, हमने कई बार कहा है कि ईरान पहले हमले नहीं करता है, लेकिन अगर हमारे बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया जाता है तो हम कड़ा जवाब देंगे.

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पेजेश्कियान ने आगे कहा, अगर आप विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो हमारे दुश्मनों को अपनी जमीन से जंग चलाने की इजाजत न दें.

सीजफायर के लिए ईरान की सख्त शर्तें

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर के लिए ईरान के सामने कई शर्तें रखी थीं. इनमें ईरान का परमाणु हथियार न रखना भी शामिल है. अमेरिका की शर्तों के जवाब में ईरान ने भी कई मांगें रखी हैं. ईरान ने खाड़ी देशों से अमेरिकी सैन्य अड्डों को हटाने, प्रतिबंधों को खत्म करने और प्रमुख समुद्री मार्गों पर नियंत्रण मिलने के बाद ही समझौता करने की बात कही है.

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ईरान ने युद्ध में हुए नुकसान के लिए वित्तीय मुआवजे की मांग भी की है. इसके साथ ही हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल के सैन्य अभियान को रोकने की शर्त भी रखी है. ईरान चाहता है कि एक ऐसा ढांचा तैयार किया जाए जिससे उसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूल कर पाए. ईरान ने अमेरिका से गारंटी भी मांगी है कि भविष्य में दोबारा ऐसे हमले नहीं होंगे.

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