कौन हैं मरियम नवाज? जिनकी एक ही रैली से हिली इमरान सरकार

कराची की रैली में हजारों की संख्या में लोग जुटे, जहां 11 राजनीतिक दलों के समर्थक मौजूद रहे. ये विपक्षी की साझा रैलियों की दूसरी बड़ी रैली थी, जिसमें मरियम ने हिस्सा लिया.

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PMLN पार्टी की नेता मरियम नवाज शरीफ PMLN पार्टी की नेता मरियम नवाज शरीफ

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 3:08 PM IST
  • पाकिस्तान में इमरान सरकार के खिलाफ एकजुट विपक्ष
  • मरियम नवाज शरीफ ने संभाला मोर्चा
  • इमरान को बताया डरपोक और नालायक आदमी

पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर भूचाल की स्थिति बन गई है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार के खिलाफ विपक्ष की करीब एक दर्जन राजनीतिक पार्टियां लामबंद हैं. पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में विपक्ष द्वारा रैली की जा रही है और इमरान खान को घेरा जा रहा है. इस बीच रविवार को कराची में एक बड़ी रैली हुई, जिसमें पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ की बेटी मरियम नवाज़ शरीफ पर हर किसी की नज़र रही. मरियम ने इमरान खान पर तीखा वार किया, जिसने पीटीआई की सरकार को हिला कर रख दिया.

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मरियम ने भरी रैली में हुंकार, हिल गई इमरान सरकार

कराची की रैली में हजारों की संख्या में लोग जुटे, जहां 11 राजनीतिक दलों के समर्थक मौजूद रहे. ये विपक्षी की साझा रैलियों की दूसरी बड़ी रैली थी, जिसमें मरियम ने हिस्सा लिया. पाकिस्तानी मुस्लिम लीग (N) की नेता मरियम ने इस दौरान इमरान खान पर सीधा हमला बोला, उन्होंने कहा कि इमरान खान नालायक, डरपोक इंसान हैं जो हर बात पर आर्मी की वर्दी के पीछे छिप जाते हैं. जैसे ही इमरान की सरकार जाएगी, वो मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में होंगे. 

इस रैली के एक ही दिन बाद मरियम नवाज़ शरीफ पर एक्शन शुरू हो गया. मरियम के पति कैप्टन सफदर अवान को गिरफ्तार कर लिया. मरियम के मुताबिक, कराची के एक होटल में पुलिस सुबह पहुंची और दरवाजा तोड़कर सफदर को उठाकर ले गई. अब एक बार फिर मरियम की अगुवाई में विपक्ष उनके साथ है और इमरान सरकार पर हमलावर हैं.

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2012 में ली राजनीति में एंट्री, पिता को दिलवाई जीत
मरियम नवाज़ शरीफ ने राजनीति में एंट्री काफी देरी से ली, पहले नवाज शरीफ ही मोर्चा संभाले हुए थे. लेकिन 2012 में मरियम ने आधिकारिक तौर पर राजनीति ज्वाइन की. राजनीति में आने से पहले वो शरीफ परिवार के फाउंडेशन को देख रही थीं और समाजसेवा के काम में जुटी थीं. शुरुआत में वो सिर्फ महिलाओं के मसले के मुद्दे पर राजनीतिक कार्यक्रमों में भाषण देती थीं.

उसके बाद 2012 में आधिकारिक रूप से पार्टी ज्वाइन करने के बाद उन्होंने अपने पिता नवाज़ शरीफ के चुनावी कैंपेन को अपने हाथ में लिया. 2013 के चुनाव में नवाज शरीफ की पार्टी को जीत मिली थी, जिसमें मरियम का अहम रोल था. उन्होंने पार्टी की यूथ विंग की कमान संभाली, साथ ही प्रचार प्रसार के जिम्मे को अपने हाथ में रखा. जिसका नतीजा नवाज शरीफ को चुनावी जीत के तौर पर मिला.

नवाज शरीफ के करियर में ढलान और मरियम की जिम्मेदारी
पनामा मामले में नवाज शरीफ का नाम आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें चुनावी राजनीति से अलग कर दिया, जिसके बाद मरियम नवाज ने कमान संभाली.

उन्होंने चुनाव भी लड़ा, लेकिन उसके बाद मिल्स भ्रष्टाचार मामले में पिता नवाज के साथ उनका भी नाम आ गया. खुद मरियम को जेल हुई और दस साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लग गई. हालांकि, लाहौर हाईकोर्ट से मरियम को बेल मिल गई थी.

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अब एक बार फिर मरियम नवाज़ शरीफ ने पार्टी की कमान संभाली है, क्योंकि नवाज शरीफ देश से बाहर हैं और शहबाज शरीफ जेल में हैं. ऐसे में मरियम की अगुवाई में पार्टी मैदान में है और विपक्षी एकजुटता के साथ आगे बढ़ रही है. 


 

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