पाकिस्तान में दो विदेशी महिलाओं को बंधक बनाकर उनके साथ हुए गैंगरेप के मामले में जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरी वारदात के पीछे क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा कोई विवाद हो सकता है. इस केस में मुख्य आरोपी मुहम्मद रजा डार को पाकिस्तानी डिप्टी PM इशाक डार का पोता बताया जा रहा है. दरअसल, यह बात तब सामने आई जब पीड़ित महिला ने कोर्ट में बयान दर्ज कराते हुए दावा किया कि रिहाई के बदले मुख्य आरोपी को एक लाख अमेरिकी डॉलर दिए गए थे.
पाकिस्तान के मीडिया ग्रुप ARY News के मुताबिक, पीड़ित महिला ने बताया कि वह अपनी दोस्त के साथ एक घर में ठहरी हुई थी. तभी कुछ हथियारबंद लोग वहां पहुंचे. उन्होंने दोनों को एक कमरे में बंधक बना लिया, जिसके बाद मुहम्मद रजा डार कंप्यूटर और क्रिप्टोकरेंसी के पैसों की मांग करने लगा. आरोपियों ने पूछा कि पैसे वाला कंप्यूटर कहां है, तो उसने जवाब दिया कि वह हरे रंग के बैग में रखा है.
पैसे नहीं दिए तो जान से मारने की धमकी
पीड़िता ने आरोप लगाया कि बंधक बनाए जाने के दौरान उसके सिर पर वार किया गया था. हमलावरों ने धमकी दी थी कि पैसे नहीं मिले तो दोनों महिलाओं को जान से मार दिया जाएगा. महिला के मुताबिक, कैद के दौरान दो आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, महिला का आरोप है कि मुहम्मद रजा डार ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया था. इसके बाद उसने पीड़िता के जान-पहचान वालों को मैसेज भेजकर पैसे मांगे. शुरुआत में किसी ने जवाब नहीं दिया, लेकिन बाद में दूसरी महिला की मां ने एक लाख अमेरिकी डॉलर का इंतजाम होने की बात कही. पैसे मिलते ही रजा डार ने उन्हें छोड़ने का फैसला किया. हालांकि, एयरपोर्ट ले जाते समय मुख्य आरोपी की कार का एक्सीडेंट हो गया, जिसके बाद दोनों महिलाओं को सुरक्षित बचा लिया गया.
पिछले साल सिंगापुर में हुई थी मुलाकात
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुहम्मद रजा डार की दोनों महिलाओं से पिछले साल सिंगापुर में मुलाकात हुई थी. ये तीनों एक क्रिप्टोकरेंसी के बिजनेस में पार्टनर थे. बाद में रजा डार ने ही दोनों महिलाओं के पाकिस्तान आने के लिए बिजनेस वीजा का इंतजाम कराया था.
नीदरलैंड और वेनेजुएला की रहने वाली इन दोनों महिलाओं को 29 जून को लाहौर से अगवा किया गया था. पुलिस इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है. स्थानीय अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.
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