'आपको ये नहीं कहना था...', जयशंकर की बात पर फिनलैंड की विदेश मंत्री का रिएक्शन वायरल, VIDEO

विदेश मंत्री जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय में हुआ था, जब दुनिया युद्धों, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है. फिनलैंड पहुंचने के बाद जयशंकर ने अपनी समकक्ष एलिना वाल्टोनेन के साथ विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता की थी.

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जयशंकर और फिनलैंड की विदेश मंत्री का यह मजाकिया वीडियो वायरल. (Photo: Reuters) जयशंकर और फिनलैंड की विदेश मंत्री का यह मजाकिया वीडियो वायरल. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जून 2026,
  • अपडेटेड 3:06 PM IST

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फिनलैंड दौरे के दौरान Kultaranta Talks में हिस्सा लिया. उन्होंने फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनेन के साथ हिस्सा लिया और पश्चिमी देशों के डबल स्टैंडर्ड पर जमकर उनकी क्लास लगाई. लेकिन इसी बातचीत के दौरान जयशंकर के एक बयान पर एलिना ने मजेदार रिएक्शन दिया, जो वायरल हो रहा है. 

विदेश मंत्री जयशंकर और फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनेन के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई, जिसके बाद दोनों नेताओं ने मीडिया से बातचीत की. इस दौरान एलिना वाल्टोनेन ने मजाकिया अंदाज में कहा कि दोनों देशों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, तो इस पर जयशंकर ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि आपको यह नहीं कहना चाहिए था. उनकी इस हाजिरजवाबी पर वाल्टोनेन पहले थोड़ा चौंकीं और फिर हंस पड़ी. उनका यह रिएक्शन तुरंत कैमरे में कैद हो गया और वायरल हो गया. 

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बता दें कि जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय में हुआ था, जब दुनिया युद्धों, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है. फिनलैंड पहुंचने के बाद जयशंकर ने अपनी समकक्ष एलिना वाल्टोनेन के साथ विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता की थी, जिसमें रक्षा सहयोग, प्रौद्योगिकी, व्यापार, निवेश, हरित ऊर्जा, डिजिटल नवाचार और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और फिनलैंड के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया. फिनलैंड, भारत के साथ आर्थिक और तकनीकी साझेदारी बढ़ाने का इच्छुक है. वहीं, भारत भी यूरोप के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है. दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, नई तकनीकों के आदान-प्रदान और निवेश को प्रोत्साहित करने पर सहमति जताई. इसके अलावा वैश्विक सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता जैसे विषय भी बातचीत का हिस्सा रहे।

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इस दौरे के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध और रूस से तेल खरीद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. भारत पर लंबे समय से पश्चिमी देशों के कुछ वर्गों द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं. हालांकि फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनेन ने सार्वजनिक रूप से भारत के पक्ष का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि भारत ने रूस से तेल खरीदते समय पश्चिमी देशों द्वारा निर्धारित प्राइस कैप व्यवस्था का पालन किया है. 

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