मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. यरूशलम के ओल्ड सिटी में इजरायली प्रवासियों (सेट्लर्स) ने स्थानीय निवासियों पर हमले किए थे, जिसके बाद हिंसा भड़क गई थी. ऐसे में इजरायली पुलिस ने कई फिलिस्तीनियों को हिरासत में ले लिया है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं.
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी वेस्ट बैंक इलाके में प्रवासियों की ओर से की जा रही हिंसा के बढ़ने पर गहरी चिंता जताई है. यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक, रामल्लाह क्षेत्र में इजरायली प्रवासियों से जुड़ी एक घटना में एक बच्चे की मौत हो गई थी.
इस हमले के बाद से पूरे कब्जे वाले वेस्ट बैंक में हिंसा के मामलों में अचानक भारी तेजी आई है. रामल्लाह में हमले के बाद से वेस्ट बैंक में रहने वाले प्रवासियों ने फिलिस्तीनियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे पूरे इलाके में हालात बिगड़ गए हैं और संयुक्त राष्ट्र को इस पर दखल देना पड़ा है.
1967 से चलता आ रहा विवाद
बता दें कि 1967 के बाद से वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलेम में लाखों इजरायली प्रवासियों (सेट्लर्स) के बसने से जमीन, पानी और संसाधनों पर कब्जे का विवाद है. हाल के दिनों में चरमपंथी प्रवासियों ने फिलिस्तीनी गांवों और जैतून के बागानों पर हमले (सेट्लर वॉयलेंस) किए, क्योंकि वो इस पूरे इलाके को अपना धार्मिक अधिकार मानते हैं.
सेट्लर्स किसी भी इजरायली नागरिक पर हुए हमले के बदले में पूरे फिलिस्तीनी गांव पर धावा बोल देते हैं. इसे 'प्राइस टैग' हमला कहा जाता है, जहां एक व्यक्ति की घटना की सजा पूरी फिलिस्तीनी आबादी को भुगतनी पड़ती है.
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'सीजफायर' के बाद भी लेबनान में बमबारी
दूसरी तरफ, लेबनान में पिछले महीने लागू हुए 'सीजफायर' के बावजूद इजरायल के हमले थम नहीं रहे हैं. इजरायल लगातार दक्षिण लेबनान में हमले कर रहा है. हाल ही में हुए इन हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है. सीजफायर के समझौतों के बाद भी हो रही इस गोलाबारी से इलाके में शांति बहाली की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है.
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