गाजा पट्टी में जारी तनाव के बीच इजरायल ने बड़ा दावा किया है. इजरायल डिफेंस फोर्सेस ने हमास की मिलिट्री विंग के नए लीडर को मार गिराया है. गाजा शहर में मंगलवार को किए गए हवाई हमलों में हमास के नए सैन्य प्रमुख मोहम्मद ओदेह को निशाना बनाया गया. इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने बुधवार को यह जानकारी दी है.
इजराइली रक्षा मंत्री के मुताबिक, यह हमला हमास के पिछले मिलिट्री चीफ इज अल-दीन अल-हद्दाद के मारे जाने के दो हफ्ते के भीतर किया गया. उनका कहना है कि अल-हद्दाद 16 मई को मारा गया था. मोहम्मद ओदेह के परिवार वालों ने उसकी मौत की पुष्टि की है, लेकिन यह नहीं माना कि वो हमास की मिलिट्री विंग का नया प्रमुख था.
इजराइल काट्ज ने मोहम्मद ओदेह को 7 अक्टूबर 2023 के हमलों के मुख्य सूत्रधारों में से एक बताया. उन्होंने कहा कि उन हमलों के बाद से यह चौथी बार है जब इजरायल ने हमास की मिलिट्री विंग के प्रमुख को मार गिराने का दावा किया है. उन्होंने X पर लिखा, ''हमने 7 अक्टूबर के नरसंहार का नेतृत्व करने वाले हर व्यक्ति को खत्म करने का संकल्प लिया है.''
उन्होंने आगे कहा कि इजरायल यह भी सुनिश्चित करेगा कि गाजा पर हमास का न तो कोई नागरिक शासन रहे और न ही कोई सैन्य शासन. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी चेतावनी दी है कि 7 अक्टूबर 2023 के हमले में शामिल हर व्यक्ति को निशाना बनाया जाएगा. नेतन्याहू चुनावी तैयारियों के बीच सख्त रुख दिखाना चाहते हैं.
मंगलवार को हुआ यह हमला ईद-उल-अजहा यानी बकरीद की पूर्व संध्या पर हुआ. गाजा के अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई और 12 अन्य घायल हुए. इजराइल और हमास के बीच पिछले साल अक्टूबर में हुआ संघर्ष-विराम अभी भी बेहद नाज़ुक स्थिति में है. इजरायली हमलों में हजारों फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं.
इजरायल का कहना है कि उसके हमले हमास द्वारा संघर्ष-विराम के उल्लंघन और सैनिकों को दी जाने वाली धमकियों की जवाबी कार्रवाई हैं. हालांकि, फिलिस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों में बड़ी संख्या आम नागरिकों की भी है. इस दौरान गाजा में चार इजरायली सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि हुई है.
इजरायल ने हमास के हमलों के बाद गाजा में बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था. उन हमलों में लगभग 1200 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था. इजरायली कार्रवाई में अब तक 72,700 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. हालांकि, मंत्रालय नागरिकों और लड़ाकों की मौत का अलग-अलग आंकड़ा जारी नहीं करता.
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