'18,000 बम और 4000 टारगेट', ईरान-लेबनान पर प्रहार का इजरायल ने दिया हिसाब

इजरायल ने ईरान पर अब तक की जंग में 18000 से ज्यादा बम गिराए हैं. इजरायली सेना ने एक रिपोर्ट में ईरान के 4000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाने का दावा भी किया है. इजरायल का कहना है कि इन हमलों से ईरान की सैन्य ताकत और रक्षा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है.

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इजरायल ने 40 दिन की जंग के आंकड़े बताए हैं. (Photo: Reuters) इजरायल ने 40 दिन की जंग के आंकड़े बताए हैं. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:29 PM IST

एक तरफ ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर के बाद भी इजरायल ने हमले बंद नहीं किए हैं. इजरायल लगातार दक्षिणी लेबनान पर एयरस्ट्राइक कर रहा है. अब इजरायली सेना ने 40 दिन की जंग में ईरान पर बरसाए गए बमों और टारगेट किए गए ठिकानों का लेखा-जोखा पेश किया है.

IDF ने एक रिपोर्ट जारी करते हुए बताया है कि ईरान के खिलाफ चलाए गए 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' के दौरान 18000 बम गिराए गए. इस रिपोर्ट में ईरान के 4 हजार से ज्यादा इलाकों को टारगेट करने का दावा भी किया गया है.

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इजरायली सेना की मानें तो इस पूरे अभियान के दौरान वायु सेना ने 8,500 से ज्यादा उड़ानें भरीं. इनमें से 1,000 से ज्यादा मिशन सीधे तौर पर ईरान की सीमा के भीतर जाकर अंजाम दिए गए.

IDF ने बताया कि 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' में लगभग 4,000 ठिकानों को निशाना बनाया गया. वहीं, हवाई हमलों के दौरान 10,800 से ज्यादा स्ट्राइक पॉइंट्स पर हमले किए गए. इनमें 6,700 से ज्यादा ईरानी सैन्य बुनियादी ढांचे के अहम हिस्से शामिल थे. इजरायली सेना ने ईरान में 18,000 से ज्यादा बम गिराने का दावा किया है.

सीजफायर पर दोनों पक्षों की राय

ईरान और अमेरिका के बीच बुधवार को 2 हफ्ते का सीजफायर तय हुआ है. इस बीच शनिवार से पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्सा शुरू होने की उम्मीद है. सीजफायर के दौरान ईरान ने दावा किया था कि अमेरिका ने उसकी 10 शर्तें मान ली हैं और ऐसे में ईरान जंग में अपनी जीत का दावा कर रहा है.

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लेकिन इजरायल का दावा है कि इन हमलों ने ईरान की सैन्य ताकतों, मिसाइल प्रोडक्शन और रक्षा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है.

यह भी पढ़ें: तेल संकट से घबराया चीन, सीजफायर के बाद 'एंडगेम' का खिलाड़ी बनने की कोशिश

इजरायली अधिकारियों का मानना है कि फिलहाल सीजफायर अस्थायी है और ये दोनों पक्षों को खुद को संभालने का मौका है. इजरायल इस दौरान अपने इंटरसेप्टर सिस्टम और हथियारों के भंडार को फिर से भरने की कोशिशि में जुटा हुआ है. इजरायल का कहना है कि वो उत्तर में हिजबुल्लाह से मिलने वाली चुनौतियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा.

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