ईरान की ओर से एक बड़ा और चौंकाने वाला कूटनीतिक बयान सामने आया है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने राष्ट्र के नाम एक टेलीविजन संदेश में घोषणा की है कि ईरान ने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का निर्णय लिया है. उन्होंने न केवल पड़ोसी देशों से माफी मांगी है, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि ईरान का किसी अन्य देश पर आक्रमण करने का कोई इरादा नहीं है.
ईरान की ओर से एक बड़ा और चौंकाने वाला कूटनीतिक बयान सामने आया है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने राष्ट्र के नाम एक टेलीविजन संदेश में घोषणा की है कि ईरान ने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का निर्णय लिया है. उन्होंने न केवल पड़ोसी देशों से माफी मांगी है, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि ईरान का किसी अन्य देश पर आक्रमण करने का कोई इरादा नहीं है.
अपने संबोधन में राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने एक ओर जहां शांति का हाथ बढ़ाया, वहीं दूसरी ओर अपनी संप्रभुता को लेकर कड़ा रुख भी अख्तियार किया. उन्होंने कहा, "हमारा बिना शर्त आत्मसमर्पण देखने का जो लोग सपना देख रहे हैं, वे अपने इस ख्वाब को कब्र तक साथ ले जाएंगे."
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उन्होंने पड़ोसी मुल्कों को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान एक शांतिप्रिय देश है और सैन्य कार्रवाई को रोकने का फैसला क्षेत्रीय स्थिरता के हित में लिया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में हुए मिसाइल हमलों और जवाबी कार्यवाहियों के बाद ईरान का यह नरम रुख अंतरराष्ट्रीय दबाव और घरेलू परिस्थितियों का परिणाम हो सकता है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंकाएं चरम पर थीं.
इस संबोधन से पहले पेज़ेशकियन ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से बातचीत की थी. इस बातचीत में पुतिन ने ईरान के साथ जारी विवादों को सुलझाने के लिए बल प्रयोग के खिलाफ रूस का कड़ा और सैद्धांतिक रुख दोहराया. रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस क्षेत्रीय तनाव को कम करने और शत्रुता को तत्काल समाप्त करने के पक्ष में है. उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समस्या का समाधान ताकत के बल पर नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए.
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