'ना अभी, ना कभी और... तुम्हारे जैसे इंसान से...', ट्रंप पर ईरान का तिलमिला देने वाला तंज, क्या अब उतरेगी सेना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीजफायर का ऑफर तो भेजा है. लेकिन ईरानी सेना ने ट्रंप को मजाक उड़ाया है और कहा है कि तुम्हारे जैसे व्यक्ति से हमारा जैसा व्यक्ति कभी समझौता नहीं करेगा. आज जंग का 26वां दिन है. और ट्रंप ने अब गल्फ में अपनी आर्मी को भेजने का ऐलान किया है.

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ईरानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ुल्फिकारी ने ट्रंप का मजाक उड़ाया है. (Photo: Press tv, iran) ईरानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ुल्फिकारी ने ट्रंप का मजाक उड़ाया है. (Photo: Press tv, iran)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

अमेरिका की ओर से युद्ध खत्म करने की कोशिशों के बीच ईरानी सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को घनघोर बेइज्जती की है. ईरानी सेना के 'खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय' के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ुल्फिकारी ने कहा है कि हमारे जैसा व्यक्ति आपके जैसे व्यक्ति के साथ कभी कोई समझौता नहीं करेगा. 

ईरानी सेना का ये हेडक्वार्टर ईरान की नियमित सेना और अर्धसैनिक 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' की संयुक्त कमान संभालता है. लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ुल्फिकारी के इस बयान को ईरान के सरकारी टेलिविजन पर दिखाया गया है. 

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ईरानी सेना के इस बयान से अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या अमेरिकी दावे के मुताबिक ईरान के साथ युद्धबंदी पर कोई बात हो भी रही है.

'खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय' के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ुल्फिकारी ने राष्ट्रपति ट्रंप का मजाक उड़ाते हुए कहा, "क्या आपके अंदरूनी झगड़े इस हद तक पहुंच गए हैं कि आप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं?"

ज़ुल्फीकारी ने कहा, "हमारा पहला और आखिरी शब्द पहले दिन से ही एक जैसा रहा है, और यह वैसा ही रहेगा. हमारे जैसा कोई भी व्यक्ति तुम्हारे जैसे किसी व्यक्ति के साथ कभी समझौता नहीं करेगा." "ना अभी, ना कभी."

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी अधिकारी इस योजना पर ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन ज़ुल्फीकारी ने एक रिकॉर्डेड वीडियो बयान में यह संकेत दिया कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हो रही है. 

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ईरानी सेना के प्रवक्ता ज़ुल्फिकारी ने ट्रंप पर बरसते हुए कहा, "जिस रणनीतिक शक्ति की बातें आप किया करते थे, वह अब एक रणनीतिक विफलता में बदल चुकी है."

"जो खुद को वैश्विक महाशक्ति होने का दावा करता है, अगर उसके बस में होता तो वह अब तक इस मुसीबत से बाहर निकल चुका होता. अपनी हार को समझौते का नाम मत दो. तुम्हारे खोखले वादों का दौर अब खत्म हो चुका है."

ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि, 'आपके वादों का दौर अब खत्म हो चुका है. आज दुनिया में सिर्फ दो ही पक्ष हैं, सच और झूठ. और आजादी चाहने वाला सच का हर मुसाफ़िर आपकी बातों से गुमराह नहीं होगा.'

उन्होंने कहा इस इलाके में स्थिरता हमारी सेना के मजबूत हाथों से ही पक्की होती है. 

ईरान ने यह भी साफ कर दिया कि, 'हालात तब तक पहले जैसे नहीं होंगे जब तक  ईरानी राष्ट्र के खिलाफ फौजी कार्रवाई करने का विचार ही आपके दिमाग से पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता है. 

बता दें कि पाकिस्तान इस जंग में मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान के मध्यस्थों ने ईरान को 15-सूत्रीय योजना सौंपी है. इन मध्यस्थों ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच फिर से बातचीत शुरू करवाने की पेशकश की है.

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'द न्यूयॉर्क टाइम्स' ने सबसे पहले यह खबर दी थी कि यह योजना ईरानी अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है.

सैनिक भेजने की तैयारी में अमेरिका

इस बीच अमेरिका ने 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के कम से कम 1,000 सैनिकों को आने वाले दिनों में मध्य-पूर्व भेजने का ऐलान कर दिया है. 

पेंटागन दो मरीन यूनिट्स को भी तैनात करने की प्रक्रिया में है, जिससे इस क्षेत्र में लगभग 5,000 मरीन और हजारों नाविकों की संख्या बढ़ जाएगी.

इन कदमों को ट्रंप की एक चाल के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि उन्हें इस बात पर "अधिकतम लचीलापन" मिल सके.

इस बीच हवाई हमलों ने ईरान को बुरी तरह से प्रभावित किया, जबकि ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने इज़राइल और इस क्षेत्र के अन्य ठिकानों को निशाना बनाया. 

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