'अभी तो सिर्फ ठिकाने तबाह किए हैं', बहरीन में अमेरिकी बेस पर ईरान का अब तक का सबसे बड़ा हमला

बुधवार को अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने गुरुवार को बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया. IRGC ने चेतावनी दी कि यह केवल पहला चरण है. वहीं, ईरानी सेना ने शर्तों के पूरा होने तक होर्मुज को बंद रखने का एलान किया है.

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ईरान ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागीं मिसाइलें ईरान ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागीं मिसाइलें

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:12 AM IST

अमेरिका द्वारा बुधवार को किए गए बैक-टू-बैक दो बड़े हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने अब तक का सबसे बड़ा पलटवार किया है. तेहरान ने दावा किया है कि गुरुवार को ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अब तक का सबसे बड़ा और भीषण हमला बोल दिया है, जिसने पूरे मध्य-पूर्व को दहला दिया है.

ईरानी सैन्य कमांडरों और आधिकारिक मीडिया 'प्रेस टीवी' के जरिए जो बयान सामने आए हैं, वे साफ संकेत दे रहे हैं कि यह जंग अब किसी भी हद तक जा सकती है. ईरान के सबसे शक्तिशाली सैन्य संगठन 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहेबी ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है.

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IRGC ने कहा, "दुश्मन (अमेरिका) यह समझने की भूल कतई न करे कि वह इस संघर्ष को अपनी मर्जी से खींच सकता है और इसे एक 'वॉर ऑफ एट्रिशन' (थका देने वाले लंबे युद्ध) में बदल सकता है. ईरान के मौजूदा सैन्य ऑपरेशन पूरी तरह से खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी आक्रामक सैन्य बुनियादी ढांचे और ठिकानों को नेस्तनाबूद करने पर केंद्रित हैं. यह काम पूरा होते ही हमारा अगला विनाशकारी चरण शुरू होगा."

होर्मुज जलसंधि पर ईरान की 'तालाबंदी', रखीं कड़ी शर्तें
दूसरी ओर, ईरान की थल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अकरमी निया ने वैश्विक व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग 'होर्मुज' को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका ईरान की तीन प्रमुख शर्तों को नहीं मानता, तब तक यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पूरी तरह बंद रहेगा.

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इन शर्तों के तहत होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका को ईरान के साथ हुए समझौते (MoU) की शर्तों का पालन करना होगा, शत्रुतापूर्ण गतिविधियां बंद करनी होंगी और ईरानी कानूनों को लागू करना होगा.

यह भी पढ़ें: ईरान पर अमेरिका का दूसरा बड़ा प्रहार, भीषण बमबारी से दहला होर्मुज, कई ठिकाने तबाह

MoU का पालन और शत्रुता का अंत
ईरान का कहना है कि अमेरिका को दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के नियमों का पालन करना होगा, अपनी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई रोकनी होगी और ईरानी कानूनों को लागू करना होगा. इन शर्तों के बिना जलमार्ग से किसी भी जहाज को गुजरने नहीं दिया जाएगा. बहरीन में हुए इस बड़े हमले और ईरान की इस सख्त घेराबंदी के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों में हड़कंप मच गया है, और वैश्विक तेल बाजार पूरी तरह क्रैश होने की कगार पर पहुंच गया है.
 

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