ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इराकी कुर्दिस्तान इलाके में मौजूद कुर्द ठिकानों पर तीन घातक मिसाइलें दागी हैं. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह हमला उन ठिकानों को नष्ट करने के लिए किया गया है, जहां कुर्द लड़ाके एक्टिव थे. अमेरिका इन कुर्द लड़ाकों को ट्रेनिंग देकर ईरान के खिलाफ जंग में उतारने की साजिश कर रहा था.
इस हमले के जरिए ईरान ने उन सशस्त्र समूहों को निशाना बनाया है, जो उसकी सीमाओं के पास एक्टिव हैं. यह सैन्य कार्रवाई ऐसे वक्त में हुई है, जब अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का संघर्ष अपने चरम पर है.
मिसाइल हमलों ने इस इलाके में तनाव को और ज्यादा बढ़ा दिया है. ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी बाहरी हस्तक्षेप या समर्थित समूहों को बर्दाश्त नहीं करेगा.
अमेरिका की कुर्द रणनीति पर चोट
अमेरिका इन कुर्द लड़ाकों का इस्तेमाल ईरान के अंदर अस्थिरता पैदा करने और जमीनी जंग में सहायता के लिए करना चाहता था. ईरान ने इन ठिकानों पर मिसाइलें बरसाकर अमेरिका की इस योजना को बड़ा झटका दिया है. आईआरजीसी ने आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले की पुष्टि की है और इसे अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है.
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मिडिल ईस्ट में बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
इराकी कुर्दिस्तान में हुए इस हमले के बाद पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है. तीन मिसाइलों के इस प्रहार ने साबित कर दिया है कि ईरान अपने विरोधियों के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार है. यह हमला उन ताकतों के लिए चेतावनी की तरह है, जो विदेशी मदद से ईरान को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं.
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