ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के वादे और माफी के बावजूद खाड़ी देशों पर अटैक नहीं रुका है. ईरान के नए हमलों की वजह से UAE, कतर और सऊदी अरब में हलचल बढ़ गई है. तीनों की तरफ से ईरान को चेतावनी दी गई है.
दरअसल, शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा था कि वह व्यक्तिगत रूप से उन पड़ोसी देशों से माफी मांगते हैं जो जो ईरान की कार्रवाइयों से प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा था कि ईरान की अस्थायी नेतृत्व परिषद ने पड़ोसी राज्यों पर हमले निलंबित करने पर सहमति जताई है, जब तक कि ईरान पर हमले उनके इलाके से नहीं किए जाते.
लेकिन राष्ट्रपति के इस बयान से ईरान प्रशासन में फूट पड़ गई. कट्टरपंथी और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर्स इससे नाराज हो गए. उनको राष्ट्रपति का ऐसे माफी मांगना ठीक नहीं लगा.
इसके बाद IRGC ने दावा किया कि कुछ क्षेत्रीय देशों की जगह का इस्तेमाल खुले तौर पर और गुप्त रूप से ईरान के खिलाफ हमलों के लिए किया जा रहा है, और जवाबी हमले जारी रहेंगे. इसके बाद सऊदी से लेकर दुबई तक ड्रोन बरसे. दुबई में हुए अटैक की वजह से एक व्यक्ति की जान भी चली गई.
बहरीन में भी ईरान का हमला हुआ. वहां की सरकार ने कहा कि ईरानी हमले ने मीना सलमान के पास एक जगह को निशाना बनाया है, और सिविल डिफेंस आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है.
खाड़ी देशों में हलचल तेज
ईरान के ताजा हमलों के बाद खाड़ी देशों में हलचल बढ़ गई. रियाद ने ईरान से कहा है कि सऊदी अरब और उसके एनर्जी सेक्टर पर लगातार हमले उसे भी वैसा ही जवाब देने के लिए मजबूर कर सकते हैं.
दूसरी तरफ कतर के अमीर ने डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की. इसमें ईरान के ताजा हमलों पर चर्चा हुई. बाद में कतर के अमीर ने कहा कि दोहा अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों के लिए कोई भी जरूरी कदम उठाने में नहीं हिचकिचाएगा.
वहीं दुबई पर हुए हमले के बाद UAE की तरफ से शेख हमदान बिन ज़ायद अल नाहयान का बयान आया. शाही नेता ने कहा कि हम अपना वादा दोहराते हैं कि हमारे देश की सुरक्षा एक रेड लाइन है, इसकी रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है, और इसकी रक्षा करना हमारा फर्ज है. UAE हर हमलावर के खिलाफ एक मजबूत किला है.
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