अपने घर लौट सकेंगे अरब मुल्क में फंसे लोग, ईरान ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए खोला एयरस्पेस

ईरान ने अपने एयरस्पेस आंशिक रूप से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए खोल दिया, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी अलग दिख रही है. फ्लाइट्स अब भी ईरान से दूरी बनाकर लंबा रास्ता चुन रही हैं. वहीं होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने के बाद यहां से जहाजों का काफिला गुजरने लगा है.

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ईरान ने अपना एयरस्पेस खोल दिया है. (Photo- ITG) ईरान ने अपना एयरस्पेस खोल दिया है. (Photo- ITG)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 18 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:21 PM IST

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने शनिवार को अपने एयरस्पेस को आंशिक रूप से खोलते हुए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को सीमित राहत दी है. ईरान के सिविल एविएशन अथॉरिटी के मुताबिक, देश के पूर्वी हिस्से का एयरस्पेस अब ट्रांजिट फ्लाइट्स के लिए खोल दिया गया है. साथ ही कुछ एयरपोर्ट्स को भी स्थानीय समयानुसार सुबह 7 बजे से दोबारा ऑपरेशन की इजाजत दे दी गई है.

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हालांकि, इस ऐलान के कई घंटे बाद तक जमीनी स्थिति में बड़ा बदलाव नजर नहीं आया. फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स के डेटा के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अब भी ईरान के ऊपर से गुजरने से बच रही हैं और लंबा डिटूर लेकर अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच रही हैं. इससे साफ है कि एयरस्पेस खुलने के बावजूद एयरलाइंस अभी पूरी तरह भरोसा नहीं जता पा रही हैं.

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विशेषज्ञों का मानना है कि एयरस्पेस खोलने का फैसला एक सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन मौजूदा हालात में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. यही वजह है कि एयरलाइंस जोखिम लेने से बच रही हैं और वैकल्पिक रूट्स का इस्तेमाल कर रही हैं, भले ही इससे समय और ईंधन दोनों की लागत बढ़ रही हो.

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दरअसल, ईरान का एयरस्पेस हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के चलते काफी हद तक बंद रहा था. ऐसे में अब इसका आंशिक रूप से खुलना यह संकेत देता है कि हालात धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश हो रही है.

होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ बनाए रखना चाहता है ईरान

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को भी कमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने का दावा किया है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है. दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होती है. हालांकि, इस फैसले को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि ईरान ने साफ किया है कि वह जहाजों की आवाजाही पर अपनी पकड़ बनाए रखेगा और जरूरत पड़ने पर इसे फिर से बंद भी कर सकता है.

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समझौता होने तक ब्लॉकेड जारी रखेगा अमेरिका

वहीं, अमेरिका ने अपना रुख सख्त बनाए रखा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अमेरिकी नौसेना की तरफ से लगाया गया ब्लॉकेड तब तक जारी रहेगा, जब तक ईरान के साथ कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, खासकर उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर. मसलन, ईरान का एयरस्पेस खोलना एक अहम कदम जरूर है, लेकिन आसमान अब भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि क्या अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से ईरान के ऊपर से सामान्य रूप से गुजरना शुरू करती हैं या नहीं.

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