'प्रकाश का युग या अंधकार का...', ट्रंप के NSA ने भारत-अमेरिका संबंध को बताया 21वीं सदी का भविष्य

वाल्ट्ज ने शिखर सम्मेलन के लिए अपने वीडियो संदेश में कहा, "मेरे विचार में, यह (भारत-अमेरिका संबंध) 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण रिश्ता है. यह तय करेगा कि यह सदी प्रकाश का युग होगी या अंधकार का." अपने इस संदेश के माध्यम से, जिसमें वे चुनावी व्यस्तताओं के कारण शामिल नहीं हो सके थे.

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एनएसए माइक वाल्ट्ज एनएसए माइक वाल्ट्ज

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 6:36 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) के रूप में नामित अमेरिकी कांग्रेस सदस्य माइक वाल्ट्ज ने भारत-अमेरिका संबंधों को 21वीं सदी का "सबसे महत्वपूर्ण" रिश्ता करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह साझेदारी तय करेगी कि यह सदी "प्रकाश का युग" बनेगी या "अंधकार का युग."

वाल्ट्ज, कांग्रेस इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने सितंबर में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम (USISPF) द्वारा आयोजित INDUSUSX शिखर सम्मेलन में यह बातें कहीं. उन्होंने अपने संदेश में भारत-अमेरिका के बीच गहरे सहयोग की जरूरत पर जोर दिया और दोनों देशों के संबंधों को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक बताया.

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वाल्ट्ज ने शिखर सम्मेलन के लिए अपने वीडियो संदेश में कहा, "मेरे विचार में, यह (भारत-अमेरिका संबंध) 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण रिश्ता है. यह तय करेगा कि यह सदी प्रकाश का युग होगी या अंधकार का." अपने इस संदेश के माध्यम से, जिसमें वे चुनावी व्यस्तताओं के कारण शामिल नहीं हो सके थे, वाल्ट्ज ने एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को बनाए रखने और नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय संप्रभुता की रक्षा पर जोर दिया.

वाल्ट्ज ने भारतीय संप्रभुता के संरक्षण के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा, "मेरे कार्यालय और मेरी टीम को इस रिश्ते को और आगे बढ़ाने के लिए एक खुला दरवाजा समझा जाए. हमें इंडो-पैसिफिक को स्वतंत्र और खुला बनाए रखने और नियंत्रण रेखा पर भारतीय संप्रभुता की रक्षा के लिए आगे बढ़ना चाहिए, ताकि हम अपने बच्चों और पोते-पोतियों के लिए एक ऐसा विश्व छोड़ सकें, जो हमारे साझा मूल्यों के अनुरूप हो."

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उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों में बढ़ती गति पर खुशी जाहिर की और इस रिश्ते को जारी रखने का आह्वान किया. वाल्ट्ज ने हाल ही में अपने सह-अध्यक्ष कांग्रेस सदस्य रो खन्ना के साथ अगस्त में भारत का दौरा किया था और स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया था. उन्होंने लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को "अद्भुत" बताया और कहा कि यह एक अविस्मरणीय कार्यक्रम था, जो भारत-अमेरिका संबंधों में बढ़ती गति को दर्शाता है.

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संयुक्त उत्पादन, जैसे कि बोइंग और टाटा द्वारा अपाचे हेलीकॉप्टर के पुर्जों का निर्माण, और शिप रिपेयर, क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, और डेटा मैनेजमेंट के क्षेत्र में प्रगति महत्वपूर्ण हैं क्योंकि दोनों राष्ट्र 21वीं सदी में और आगे बढ़ रहे हैं. वाल्ट्ज ने iCET और INDUS-X जैसे पहलों का उल्लेख किया जो दोनों देशों के संबंधों में बढ़ती गति का प्रतीक हैं और सहयोग के नए अवसर खोलते हैं.

वाल्ट्ज ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका, जो दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी लोकतांत्रिक ताकतें हैं, उन साझा मूल्यों और सिद्धांतों के लिए प्रतिबद्ध हैं जो दोनों देशों को एकजुट करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ बहुत मजबूत हैं और इस साझेदारी को मजबूत करते रहना महत्वपूर्ण है.

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वाल्ट्ज के अनुसार, इस समय जो गति और विश्वास भारत-अमेरिका के रिश्ते में है, उसे जारी रखना आवश्यक है ताकि दोनों देश साथ मिलकर एक उज्जवल भविष्य की दिशा में बढ़ सकें.

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