भारत ने अमेरिकन लॉबिंग फर्म के साथ रिन्यू किया कॉन्ट्रैक्ट, मालिक है ट्रंप का करीबी

पहलगाम हमलों के बाद जब अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर भारत को अपना नैरेटिव पुरजोर तरीके से कहने की जरूरत हुई तो इंडिया ने लॉबिंग फर्म को हायर किया. इसके बदलने भारत को लाखों रुपये चुकाने पड़ते हैं.

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भारत ने अमेरिका में लॉबिंग फर्म हायर किया है. (Photo: ITG) भारत ने अमेरिका में लॉबिंग फर्म हायर किया है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:06 PM IST

अमेरिका के एक शक्तिशाली लॉबिंग फर्म के साथ भारत ने अपना कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू कर लिया है. ये लॉबिंग फर्म राष्ट्रपति ट्रंप के एक सहयोगी का है. 'फ़ॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट' के तहत सार्वजनिक की गई जानकारी के अनुसार भारत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व टॉप कैंपेन प्रवक्ता और लंबे समय से कम्युनिकेशंस सलाहकार रहे जेसन मिलर की कंपनी के साथ लॉबिंग का कॉन्ट्रैक्ट बढ़ा दिया है.

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भारतीय दूतावास और मिलर की कंपनी SHW पार्टनर्स LLC के बीच यह कॉन्ट्रैक्ट इस साल 24 अप्रैल को साइन किया गया था और यह 23 अप्रैल, 2027 तक चलेगा. इस लॉबिंग फर्म को भारत हर महीने 1,50,000 अमेरिकी डॉलर की फ़ीस देगा. इस फर्म की सेवाएं लेने में भारत को सालाना 1.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर का खर्च आएगा. 

मिलर की कंपनी को भारतीय दूतावास ने पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद हायर किया था. 

ये लॉबिंग फर्म भारत सरकार को रणनीतिक सलाह, टैक्टिकल प्लानिंग और अहम मुद्दों पर सलाह देता है, साथ ही अमेरिकी सरकार के सामने भारत सरकार का पक्ष भी प्रस्तुत करने में मदद देता है. 

SHW की आउटरीच गतिविधियों की समीक्षा से पता चलता है कि इस साल 25 जनवरी से 2 फरवरी के बीच मिलर और ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के बीच कम से कम एक दर्जन फ़ोन कॉल हुए. इन अधिकारियों में US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर, ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट, कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक और ट्रंप के चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स शामिल थे. 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत के बाद, भारत और US ने 2 फरवरी को एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए रूपरेखा की घोषणा की है. 

नवंबर 2025 और इस साल अप्रैल के बीच भारत की ओर से की गई बातचीत से जुड़ी जानकारी से पता चलता है कि ग्रीर और बेसेंट के साथ नियमित रूप से फ़ोन पर बात हुई. ये अधिकारी ट्रेड बातचीत और ट्रेज़री डिपार्टमेंट से जुड़े थे, जो रूस से कच्चे तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में छूट का मामला देख रहे थे.

मार्च और अप्रैल में मिलर ने ट्रेज़री डिपार्टमेंट में इंटरनेशनल अफेयर्स के एक्टिंग असिस्टेंट सेक्रेटरी फ्रांसिस ब्रुक से भी पांच बार बात की और नवंबर से दिसंबर 2025 के बीच भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से तीन बार मुलाकात की. 

2024 के चुनाव से पहले मिलर ने ट्रंप के 2020 के राष्ट्रपति पद के लिए दोबारा चुनाव लड़ने की असफल कोशिश में सलाहकार के तौर पर काम किया था और ट्रंप के 2016 के कैंपेन में मुख्य प्रवक्ता थे. इससे पहले उन्होंने सीनेटर टेड क्रूज़ के राष्ट्रपति पद के कैंपेन के लिए काम किया था.

अमेरिका में लॉबिंग कानूनी है और सभी एजेंटों को 'फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट' के तहत रजिस्टर होना पड़ता है और कानून के मुताबिक जानकारी देनी पड़ती है. 

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इस लॉबिंग फर्म के बारे में जानें

SHW Partners LLC अमेरिका की एक प्रभावशाली लॉबिंग और सरकारी मामलों से जुड़ी फर्म है. इसकी स्थापना ट्रंप के करीबी राजनीतिक रणनीतिकार जेसन मिलर ने की थी. यह फर्म कंपनियों, संस्थाओं और विदेशी सरकारों को अमेरिकी प्रशासन, कांग्रेस और नीति-निर्माताओं तक अपनी बात पहुंचाने में मदद करती है.

हाल के वर्षों में भारत के संदर्भ में SHW Partners का नाम खास तौर पर चर्चा में रहा है. भारतीय दूतावास ने वाशिंगटन में अपने हितों और नीतिगत प्राथमिकताओं को अमेरिकी प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए इस फर्म को नियुक्त किया था. अमेरिकी कानून FARA के तहत दर्ज दस्तावेजों के अनुसार, फर्म ने भारत और अमेरिकी अधिकारियों के बीच बैठकों के समन्वय, व्यापार वार्ताओं तथा रणनीतिक मुद्दों पर संवाद बढ़ाने में भूमिका निभाई है. 

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