इमरान खान की एक आंख की रोशनी 85% खत्म... सुप्रीम कोर्ट में फूट-फूटकर रोईं पूर्व PM की बहन

अदालत द्वारा नियुक्त अमीकस क्यूरी (न्यायालय मित्र) बैरिस्टर सलमान सफदर ने रावलपिंडी की अदियाला जेल में इमरान खान से मुलाकात के बाद विस्तृत रिपोर्ट पेश की. रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान की दाईं आंख में अब केवल 15 प्रतिशत रोशनी ही बची है.

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पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. (File Photo- ITG) पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. (File Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:42 PM IST

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की आंखों की स्थिति को गंभीर मानते हुए उनकी तत्काल मेडिकल जांच कराने के आदेश दिए हैं. अदालत में पेश की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि इमरान खान अपनी दाईं आंख की लगभग 85 प्रतिशत रोशनी खो चुके हैं.

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यह मामला सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय बेंच मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी और जस्टिस शाहिद बिलाल हसन के सामने सुना गया. सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि 16 फरवरी से पहले इमरान खान की पूरी स्वास्थ्य जांच कराई जाए, जिसमें आंखों के विशेषज्ञ से जांच भी शामिल हो.

अदालत द्वारा नियुक्त अमीकस क्यूरी (न्यायालय मित्र) बैरिस्टर सलमान सफदर ने रावलपिंडी की अदियाला जेल में इमरान खान से मुलाकात के बाद विस्तृत रिपोर्ट पेश की. रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान की दाईं आंख में अब केवल 15 प्रतिशत रोशनी ही बची है.

मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया है कि अक्टूबर 2025 तक इमरान खान की दोनों आंखों की रोशनी सामान्य (6/6) थी. इसके बाद उन्हें लगातार धुंधला और धुंधयुक्त दिखाई देने की शिकायत होने लगी. इमरान खान ने कई बार जेल प्रशासन से शिकायत की, लेकिन बाद में उनकी दाईं आंख की रोशनी अचानक लगभग खत्म हो गई.

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पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के नेत्र विशेषज्ञ ने आंख में ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) बनने की पुष्टि की, जिससे आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा. इलाज के दौरान इंजेक्शन दिया गया, लेकिन इसके बावजूद केवल 15 प्रतिशत रोशनी ही बच पाई.

हालांकि अदालत ने 24 जनवरी को PIMS अस्पताल में हुई मेडिकल प्रक्रिया की दोबारा जांच कराने की मांग को खारिज कर दिया. इस दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि किसी भी कैदी की सेहत की जिम्मेदारी राज्य की होती है और उसे सुरक्षित रखना सरकार का कर्तव्य है.

सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इमरान खान को उनके बेटों कासिम और सुलेमान से फोन पर बात करने की सुविधा दी जाए. साथ ही अदालत ने उनके निजी डॉक्टरों को भी उनसे मिलने की अनुमति देने के आदेश दिए.

सुनवाई के बाद अदालत परिसर के बाहर उस समय भावुक माहौल बन गया जब इमरान खान की बहन अलीमा खान उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी सुनकर रो पड़ीं. इस घटना के बाद पाकिस्तान की राजनीति में इस मामले को लेकर बहस और तेज हो गई है. सुनवाई के दौरान पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कई नेता भी अदालत में मौजूद रहे.

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