पाकिस्तान: बारूद से भरे रिक्शे ने पुलिस ट्रक में मारी टक्कर, आत्मघाती हमले में 3 की मौत, 20 से ज्यादा घायल

पाकिस्तान के क्वेटा में एक आत्मघाती हमला हुआ. दरअसल बारूद से भरे एक रिक्शे ने पोलियो कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मियों को ले जा रहे एक गश्ती पुलिस ट्रक के पास खुद को उड़ा लिया. इस आत्मघाती हमले में करीब तीन लोगों की मौत हो गई और 23 अन्य घायल हो गए. जिसमें 20 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.

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aajtak.in

  • इस्लामाबाद,
  • 30 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 9:40 PM IST

प्रतिबंधित पाकिस्तानी तालिबान के एक आत्मघाती हमलावर ने बुधवार को अशांत बलूचिस्तान प्रांत में पोलियो कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मियों को ले जा रहे एक गश्ती पुलिस ट्रक के पास खुद को उड़ा लिया. इस आत्मघाती हमले में करीब तीन लोगों की मौत हो गई और 23 अन्य घायल हो गए. जिसमें 20 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.

हमलावर ने क्वेटा के बलेली इलाके में अर्धसैनिक बल कांस्टेबुलरी ट्रक को निशाना बनाया. यह ट्रक चल रहे अभियान में पोलियो कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करने जा रहा था. क्वेटा के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIGP) गुलाम अजफर महेसर ने हमले की पुष्टि की और कहा कि हमले में कम से कम 23 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 20 पुलिसकर्मी, एक महिला और एक बच्चा शामिल है.

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टीटीपी ने ली इस हमले की जिम्मेदारी

उन्होंने कहा, 'घटना स्थल को देखते हुए और पलटे हुए ट्रक के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 25 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था. इस विस्फोट में कुल तीन वाहन प्रभावित हुए हैं. प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. 

यह हमला अगस्त में अफगानिस्तान में अब्दुल वली उर्फ ​​उमर खालिद खुरासनी की हत्या के प्रतिशोध में किया गया था. महेसर ने कहा कि विस्फोट एक आत्मघाती हमला था क्योंकि उन्हें अपराध स्थल के पास एक आत्मघाती हमलावर के अवशेष मिले हैं. शुरुआती पुलिस जांच से पता चला है कि एक रिक्शा ने पुलिस ट्रक को टक्कर मार दी थी. 

पुलिस अधिकारियों ने पीड़ितों के इलाज के लिए क्वेटा के अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस घटना की निंदा की और अधिकारियों को हमले की जांच शुरू करने का निर्देश दिया. सरकारी रेडियो के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने जानमाल के नुकसान पर दुख जताया है. उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में पोलियो कर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. पीएम शहबाज शरीफ ने कहा, 'देश से पोलियो वायरस को खत्म करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक पोलियो को पूरी तरह से खत्म नहीं कर दिया जाता है.'

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राष्ट्रपति ने की घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना

साथ ही राष्ट्रपति डॉक्टर आरिफ अल्वी ने भी हमले की निंदा की और मृतकों के लिए क्षमा और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि बच्चे पाकिस्तान की सबसे मूल्यवान संपत्ति हैं और सरकार उन्हें पोलियो जैसी बीमारियों से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने आगे कहा कि हम असामाजिक तत्वों को पोलियो के पूर्ण उन्मूलन के मिशन में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देगा. पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई प्रमुख इमरान खान ने भी हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. 

पोलियो रोधी वर्कर्स पर लगातार हो रहे हमले

बता दें कि पाकिस्तान में पोलियो रोधी टीकाकरण अभियान के कार्यकर्ताओं पर हाल के दिनों में हमले बढ़े हैं. इस साल मार्च में, पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में बंदूकधारियों ने एक महिला पोलियो कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी, क्योंकि वह देश के नवीनतम पोलियो विरोधी अभियान में भाग लेकर घर लौट रही थी. पिछले साल जनवरी में, सशस्त्र बंदूकधारियों ने पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में पोलियो वैक्सीन संचालकों की एक टीम की सुरक्षा कर रहे एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पाकिस्तान, अफगानिस्तान के साथ, दुनिया का अंतिम पोलियो-स्थानिक देश बना हुआ है.

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