जंग के बीच ईरान में भूकंप के जोरदार झटके लगे हैं. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, शनिवार को ईरान के तटीय शहर बंदर अब्बास के पश्चिमी क्षेत्र में 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. भूकंप के झटके महसूस होते ही स्थानीय निवासियों में घबराहट फैल गई.
बंदरगाह शहर होने के कारण प्रशासन सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रहा है. फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं मिली है.
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच पिछले आठ दिनों से जारी संघर्ष के बीच भूकंप के झटकों ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है. बीते चार दिनों में यह दूसरी बार है जब ईरान में तेज झटके महसूस किए गए. युद्ध जैसे माहौल में आए इन झटकों को लेकर कई विशेषज्ञों ने संदेह भी जताया है. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह प्राकृतिक भूकंप हो सकता है, लेकिन मौजूदा हालात के कारण इसे संभावित परमाणु परीक्षण से जोड़कर भी देखा जा रहा है.
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आमतौर पर माना जाता है कि अगर भूमिगत परमाणु परीक्षण किया जाता है तो उससे पैदा होने वाले झटकों की तीव्रता 4.5 रिक्टर स्केल या उससे अधिक हो सकती है. हालांकि अभी तक उपलब्ध वैज्ञानिक आंकड़े इस बात की पुष्टि नहीं करते कि हालिया झटके किसी न्यूक्लियर टेस्ट के कारण आए हैं.
ईरान पहले भी कई बार यह दावा कर चुका है कि वह बहुत कम समय में परमाणु बम बनाने की क्षमता रखता है. इस बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की फरवरी 2026 की एक गोपनीय रिपोर्ट में बताया गया था कि हालिया सैन्य तनाव से पहले ईरान के पास लगभग 440.9 किलोग्राम यूरेनियम मौजूद था, जिसे 60 प्रतिशत तक समृद्ध (एनरिच्ड) किया गया था.
यह स्तर हथियार बनाने के लिए जरूरी 90 प्रतिशत शुद्धता के काफी करीब माना जाता है. IAEA के आकलन के अनुसार, अगर इस स्टॉक को और अधिक समृद्ध किया जाए तो इससे लगभग दस परमाणु हथियार तैयार किए जा सकते हैं.
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