अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले के फैसले को लेकर बयान दिया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान ऐसी मिसाइलें बना रहा था, जो अमेरिका तक पहुंच सकती थीं.
ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का सैन्य ऑपरेशन जारी है. इस आतंकी सरकार से अमेरिका को गंभीर खतरा बना हुआ था. ईरान परमाणु हथियारों की अपनी जिद पर अड़ा हुआ था. इस वजह से अमेरिका पूरी तरह से अलर्ट था.
उन्होंने कहा कि इनके पास अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइलें थी. लेकिन मैं ऐसा नहीं होने दूंगा. बीते 47 वर्षों में यह ईरानी सरकार अमेरिकियों पर हमला करती रही है. इस शैतानी सरकार पर हमला करने का ये हमारा आखिरी मौका था.
ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में अमेरिका अपने अनुमानित समय से काफी आगे चल रहा है. इस अभियान में जितना समय लगे, ठीक है. हम करेंगे. यह जंग अगर लंबी भी चली तो भी हमें इससे बोरियत नहीं होगी.
ट्रंप ने कहा कि ये ऑपरेशन अगले पांच से सात हफ्तों तक चल सकता है. हमारा उद्देश्य स्पष्ट है- ईरान की परमाणु क्षमताओं का खात्मा. हम इनके पास परमाणु हथियार नहीं होने देंगे.
ट्रंप ने कहा कि हम चाहते थे कि ईरान का खतरा खत्म हो जाए. ईरान ने अमेरिकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया. ईरान ने पिछले साल अमेरिका द्वारा उसके परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाए जाने के बाद भी परमाणु हथियार हासिल करने की अपनी कोशिशें नहीं छोड़ी.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमने ईरान को समय-समय पर चेताया लेकिन वह नहीं माना. अगर हमें जरूरत पड़ी तो हम सेना भी उतारेंगे. उन्होंने कहा कि ईरानी सरकार मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी बलों के लिए खतरा बन चुकी थी. ईरान अपने पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम का तेजी से विस्तार कर रहा था.
ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान के पास पहले से ही ऐसे मिसाइलें मौजूद थी, जो यूरोप और विदेशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकती हैं. उन्होंने कहा कि ईरान जल्द ही मिसाइलें बना लेता जो सीधे अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम होती.
बता दें कि इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी सेना ने ईरान को हिलाकर रख दिया है. उस पर जबरदस्त हमले किए जा रहे हैं लेकिन अभी तो बड़े हमले होना बाकी है. ट्रंप ने सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कहा था कि हम उन्हें (ईरान) बुरी तरह कुचल रहे हैं. हमारा ज्वॉइंट ऑपरेशन सही तरीके से आगे बढ़ रहा है. अमेरिका की सेना दुनिया की सबसे बड़ी और ताकतवर सेना है और हम बखूबी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं.
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या सैन्य कार्रवाई के अलावा अमेरिका ईरानी जनता को वहां के शासन से नियंत्रण वापस लेने में मदद करने के लिए अन्य कदम भी उठा रहा है? तो इस पर उन्होंने हां में जवाब दिया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के हमलों के बाद कई अरब देश अब सैन्य अभियान में शामिल होने के लिए दबाव बना रहे हैं. ट्रंप ने इसे अब तक का सबसे बड़ा आश्चर्य बताया है.
सीएनएन को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान ने बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों को निशाना बनाया, जिसके बाद इन देशों के रुख में बदलाव आया है. ट्रंप ने कहा कि हम हैरान थे. हमने उनसे कहा था कि हम संभाल लेंगे लेकिन अब वे लड़ना चाहते हैं. वे आक्रामक तरीके से लड़ रहे हैं. पहले बहुत देश शामिल होने वाले थे, लेकिन अब ज्यादा से ज्याद देश हमारा साथ देने को बेताब हैं.
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