पुतिन के भारत दौरे पर आ गया चीन का बयान, तीनों देशों के रिश्तों पर कही ये बात

रूसी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा पर चीन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत चीन रूस तीनों देश ग्लोबल साउथ की महत्वपूर्ण आवाज हैं और इनके रिश्ते क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए जरूरी हैं.

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चीन ने पुतिन की भारत यात्रा पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी (Photo: AP/ PTI) चीन ने पुतिन की भारत यात्रा पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी (Photo: AP/ PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 4:29 PM IST

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर चीन ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए इसे सकारात्मक बताया है. बीजिंग ने कहा कि भारत चीन रूस तीनों देश ग्लोबल साउथ की बड़ी आवाज हैं और इनके बीच मजबूत रिश्ता न सिर्फ इनके अपने हित में है बल्कि एशिया और पूरी दुनिया की शांति और स्थिरता के लिए भी जरूरी है.

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चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि तीनों देश उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं और इनके बीच भरोसा और स्थिरता वैश्विक स्तर पर सकारात्मक असर डालते हैं. उन्होंने कहा कि चीन भारत और रूस दोनों के साथ मिलकर रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है.

यह बयान ऐसे समय पर आया है जब चीन रूस के साथ लगातार मजबूत साझेदारी बना रहा है और पुतिन की दिल्ली यात्रा को यहां बहुत ध्यान से देखा गया. 

पुतिन ने भी अपनी यात्रा से पहले दिए इंटरव्यू में कहा था कि भारत और चीन दोनों रूस के करीबी दोस्त हैं और मॉस्को इन रिश्तों को बहुत महत्व देता है.

भारत चीन रिश्ते पिछले कुछ समय से पूर्वी लद्दाख विवाद के कारण संवेदनशील रहे हैं, लेकिन चीन का कहना है कि अब वह लंबे समय के नजरिए से रिश्तों को बेहतर बनाना चाहता है. 

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यह भी पढ़ें: पुतिन गए, अब जेलेंस्की के दिल्ली दौरे की तैयारी... कूटनीति के मोर्चे पर भारत की सधी चाल

प्रवक्ता गुओ ने कहा कि चीन भारत के साथ स्थिर और मजबूत संबंध बनाने के लिए तैयार है ताकि दोनों देशों को और उनके लोगों को फायदा हो सके.

उन्होंने यह भी कहा कि तीनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग से एशिया और दुनिया की स्थिरता में सकारात्मक योगदान होगा.

चीनी मीडिया ने पुतिन के भारत चीन संबंधों पर दिए गए बयान को भी प्रमुखता से दिखाया है. खासकर वह हिस्सा जिसमें पुतिन ने कहा था कि रूस को भारत और चीन के बीच किसी भी मुद्दे में दखल देने का हक नहीं है और दोनों देश अपने मतभेद खुद संभालने में सक्षम हैं.

पुतिन की यात्रा के दौरान भारत और रूस ने कई आर्थिक और रणनीतिक समझौते किए और 2030 तक व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा. चीन ने कहा कि वह इन विकासों को क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानता है.

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