'हमारे पास 1000 से ज्यादा शूटर...', बिश्नोई गैंग ने कनाडा पुलिस को दी धमकी

पुलिस जांच में सामने आया कि कुछ भारतीय छात्र और अस्थायी वर्क परमिट पर पहुंचे युवाओं को गैंग में शामिल किया गया. उन्हें छोटी रकम देकर फायरिंग जैसी वारदातों में इस्तेमाल किया जाता था.

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लॉरेंस बिश्नोई के गैंग पर पहले भी कनाडा में लग चुके हैं धमकाने के आरोप (File Photo: ITG) लॉरेंस बिश्नोई के गैंग पर पहले भी कनाडा में लग चुके हैं धमकाने के आरोप (File Photo: ITG)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली/ओटावा,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:09 PM IST

कनाडा में बिश्नोई गैंग के नेटवर्क को लेकर स्थानीय पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. कनाडा पुलिस के मुताबिक, पिछले साल एबॉट्सफ़ोर्ड पुलिस स्टेशन को धमकी भरी चिट्ठी मिली थी. खत में दावा किया गया कि गैंग के पास 1000 से ज्यादा शूटर हैं. साथ ही धमकी दी गई कि हर कारोबारी को टैक्स देना होगा.

जांच एजेंसियों का मानना है कि चिट्ठी में टैक्स का मतलब उगाही की रकम थी. पैसे नहीं देने पर कारोबारियों के घरों और दुकानों पर फायरिंग की जाती थी. वॉट्सऐप कॉल के जरिए धमकियां देकर पैसे मांगे जाते थे. पिछले कुछ महीनों से गैंग मुख्य रूप से दक्षिण एशियाई मूल के कारोबारियों को निशाना बना रहा है.

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जांच में सामने आया कि कुछ भारतीय छात्र और अस्थायी वर्क परमिट पर पहुंचे युवाओं को गैंग में शामिल किया गया. कथित तौर पर छोटी रकम देकर उन्हें शूटिंग जैसी वारदातों में इस्तेमाल किया जाता था. उगाही के दौरान अक्सर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का नाम लिया जाता था. हालांकि पुलिस का कहना है कि कई मामलों में संचालन जोरा सिद्धू नाम का गैंग सदस्य कर रहा था.

गैंग का तरीका बदला
पुलिस के मुताबिक, पहले फोन पर धमकी देकर पैसे मांगे जाते थे. बाद में सीधे घरों और दुकानों पर फायरिंग की घटनाएं बढ़ गईं. अब कई दूसरे गैंग भी बिश्नोई गैंग का नाम लेकर लोगों को डराने की कोशिश कर रहे हैं.

पुलिस के अनुसार नेटवर्क ब्रिटिश कोलंबिया, अल्बर्टा, ओंटारियो और मैनिटोबा तक फैला हुआ है. हथियारों की आवाजाही इतनी तेज है कि एक ही हथियार 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग प्रांतों में इस्तेमाल होने का मामला सामने आया. कनाडा सरकार ने पिछले साल बिश्नोई गैंग को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया था.

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बड़ी कार्रवाई जारी
-मई 2026 तक उगाही और गैंग गतिविधियों से जुड़े 446 मामलों की जांच शुरू हो चुकी है.
-118 लोगों के खिलाफ डिपोर्टेशन आदेश जारी किए गए हैं.
-55 लोगों को पहले ही कनाडा से बाहर भेजा जा चुका है.

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