ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारर से जुड़ी प्रॉपर्टी को निशाना बनाकर आग लगाने के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है. लंदन की ओल्ड बेली कोर्ट ने एक यूक्रेनी नागरिक को पिछले साल मई में हुई आगजनी की घटनाओं में दोषी करार दिया है. इस मामले में एक अन्य व्यक्ति को भी आग लगाने की साजिश का दोषी पाया गया, जबकि तीसरे आरोपी को अदालत ने बरी कर दिया.
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मई 2025 में पांच दिनों के भीतर ऐसी तीन घटनाएं हुईं, जिन्होंने ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया था. पुलिस को सबसे पहले नॉर्थ लंदन स्थित उस घर में आग लगने की सूचना मिली, जो ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारर से जुड़ा हुआ था. इसके बाद पास की एक अन्य प्रॉपर्टी में भी आग लगी, जहां स्टारर पहले रह चुके थे. वहां उनकी भाभी रहती हैं.
इसी अवधि में एक टोयोटा कार में भी आग लगाने की घटना सामने आई, जो पहले स्टारर की बताई जाती है. इस मामले की सुनवाई के बाद ओल्ड बेली कोर्ट ने 22 वर्षीय रोमन लैवरिनोविच को आग लगाने के दो मामलों में दोषी ठहराया. हालांकि, अदालत ने उसे जान जोखिम में डालने के इरादे से आग लगाने के दो अन्य आरोपों से बरी कर दिया. अदालत ने माना कि आगजनी की घटनाएं हुईं.
कोर्ट का ये भी कहना है कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि आरोपी का मकसद सीधे तौर पर लोगों की जान को खतरे में डालना था. कोर्ट ने यह भी पाया कि रोमन लैवरिनोविच और यूक्रेन में जन्मे 27 वर्षीय रोमानियाई नागरिक स्टैनिस्लाव कार्पियुक ने मिलकर आग लगाने की साजिश रची थी. दोनों को इस साजिश में दोषी ठहराया गया.
वहीं, इस मामले में आरोपी बनाए गए 35 वर्षीय यूक्रेनी नागरिक पेट्रो पोचिनोक को पर्याप्त सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया. जांच एजेंसियों का मानना है कि आगजनी की ये घटनाएं कोई सामान्य आपराधिक वारदात नहीं थीं, बल्कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से जुड़ी प्रॉपर्टी को निशाना बनाने की सुनियोजित कोशिश का हिस्सा थीं. यही वजह रही कि जांच को उच्च प्राथमिकता दी गई.
इस मामले की सुरक्षा एजेंसियों ने विस्तृत पड़ताल की है. हालांकि, अदालत के फैसले के बाद अब यह साफ हो गया है कि स्टारर से जुड़ी संपत्तियों को निशाना बनाकर आग लगाने की घटनाओं के पीछे संगठित साजिश मौजूद थी. दोषियों को सजा कितनी होगी, इस पर अदालत आगे फैसला सुनाएगी. फिलहाल नेताओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
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