बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की तारीफ करने के आरोप में 5 पाकिस्तानी और 1 बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है. एंटी-साइबर क्राइम निदेशालय ने इन छह एशियाई नागरिकों की पहचान कर उन्हें अपने कब्जे में लिया है. इन लोगों ने बहरीन पर हुए ईरानी हमलों के प्रभाव वाले वीडियो बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया.
आरोपियों ने ईरान की आक्रामकता के प्रति सहानुभूति जताई और उन शत्रुतापूर्ण कार्यों का महिमामंडन किया, जो सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं.
गिरफ्तार लोगों पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक जानकारी फैलाकर नागरिकों और निवासियों के बीच डर पैदा करने का काम किया. कानूनी कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को लोक अभियोजन के पास भेज दिया गया है.
भ्रामक वीडियो और सुरक्षा का खतरा
आंतरिक मंत्रालय के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए नागरिकों ने विश्वासघाती ईरानी हमलों से जुड़ी सामग्री को न केवल रिकॉर्ड किया, बल्कि उसे बार-बार रिपोस्ट भी किया. यह कृत्य सार्वजनिक राय को गुमराह करने और समाज में असुरक्षा की भावना पैदा करने की श्रेणी में आता है. जनरल निदेशालय (भ्रष्टाचार विरोधी और आर्थिक व इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा) ने पाया कि यह गतिविधियां राष्ट्र की सुरक्षा और शांति को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थीं.
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आधिकारिक सूत्रों पर भरोसे की अपील
इस घटना के बाद बहरीन सरकार ने सभी नागरिकों और निवासियों से सतर्क रहने की गुजारिश की है. मंत्रालय ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सूचनाएं सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से ही हासिल की जाएं. कानूनी जवाबदेही से बचने और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनवेरिफाइड वीडियो या समाचारों को प्रसारित करने से बचने की सलाह दी गई है. अधिकारियों ने कहा है कि सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने वाली किसी भी कोशिश पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सुबोध कुमार