बंगाल में बदला निजाम तो बदला मिजाज... 'कट मनी' लौटाने को तैयार हुईं TMC पंचायत सदस्य, गांव में माइक से मुनादी

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद माहौल बदला नजर आ रहा है. कूचबिहार में TMC से जुड़ी पंचायत सदस्य ज्योत्सना बर्मन आवास योजना के नाम पर ली गई 'कट मनी' वापस करने को राजी हो गईं. इसके लिए गांव में माइक से मुनादी करवाई गई...

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4 जून तक 'कट मनी' वापसी का अल्टीमेटम.(Photo:Screengrab) 4 जून तक 'कट मनी' वापसी का अल्टीमेटम.(Photo:Screengrab)

मंसूर हबीबुल्लाह

  • कूचबिहार,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:14 PM IST

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार दक्षिण विधानसभा में आने वाले घुघुमारी पंचायत के निवासी इन दिनों एक अनोखे अभियान को लेकर चर्चा में हैं. स्थानीय निवासियों ने माइक्रोफोन और लाउडस्पीकर के जरिए पूरे इलाके में मुनादी करना शुरू कर दिया है.

ई-रिक्शा पर लगे लाउडस्पीकर पर चिल्ला-चिल्लाकर कहा जा रहा है कि स्थानीय TMC पंचायत सदस्य ने सरकारी आवास योजना के तहत अवैध रूप से वसूली गई पूरी 'कट मनी' यानी कमीशन को आगामी 4 जून तक हर हाल में वापस करने का लिखित भरोसा दिया है. पूरे गांव को इस समझौते की जानकारी देने और आरोपी नेताओं पर दबाव बनाए रखने के लिए इस आधुनिक और सार्वजनिक तरीके को अपनाया गया है.

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25000 रुपये तक की वसूली का आरोप
इस सार्वजनिक मुनादी के पीछे ग्रामीणों का एक उग्र आंदोलन था. दरअसल, घुघुमारी ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 173 की स्थानीय TMC पंचायत सदस्य ज्योत्सना बर्मन के घर के बाहर बड़ी संख्या में पीड़ित ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था.

प्रदर्शनकारियों और स्थानीय सूत्रों ने TMC नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए. ग्रामीणों का आरोप है कि आवास योजना का लाभ देने और उनके फंड को जारी रखने के एवज में TMC नेताओं ने हर लाभार्थी से 5000 से लेकर 25000 रुपये तक की रकम जबरन वसूली थी.

भय का माहौल
लाभार्थियों को साफ धमकी दी गई थी कि अगर उन्होंने तय कट मनी नहीं चुकाई, तो सरकारी आवास फंड की अगली किस्त को प्रशासनिक स्तर पर रोक दिया जाएगा. TMC शासन के दौरान डर के मारे गरीब ग्रामीणों ने कर्ज लेकर जैसे-तैसे यह रकम चुका दी थी. देखें VIDEO:- 

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4 मई को सत्ता बदलते ही बदल गए तेवर
स्थानीय राजनीतिक समीक्षकों के अनुसार, इस पूरे मामले में टर्निंग पॉइंट तब आया जब 4 मई को राज्य में सत्ता परिवर्तन हो गया और BJP ने सत्ता की बागडोर संभाली. सूबे में निजाम बदलते ही सालों से डरे-सहमे ग्रामीणों का हौसला बढ़ गया और उन्होंने तुरंत TMC नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपने गाढ़ी कमाई के पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए.

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में कटमनी पर बवाल...TMC पार्षद के सहयोगी को चप्पलों से पीटा

चारों तरफ से घिरने और कानूनी कार्रवाई के डर से पंचायत सदस्य ज्योत्सना बर्मन आखिरकार बैकफुट पर आ गईं. उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक की, जहां दोनों पक्षों के बीच एक लिखित समझौता हुआ.

इस समझौते के तहत पंचायत सदस्य ने स्वीकार किया कि वह जबरन वसूली गई पूरी रकम 4 जून की समय सीमा तक सभी ग्रामीणों को लौटा देंगी. इस वादे और समझौते के बाद ही ग्रामीणों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त किया और अब वे इस जीत की मुनादी पूरे गांव में कर रहे हैं.

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