बंगाल में गैर-कानूनी तरीके से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुए बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार ऑपरेशन चला रही हैं. इसी बीच मुर्शिदाबाद पुलिस ने अवैध रूप से सीमा पार कर भारत में दोबारा घुसने के आरोप में एक बांग्लादेशी परिवार के पांच सदस्यों की गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि पकड़े गए लोगों ने भारत में फर्जी तरीके से सरकारी डॉक्यूमेंट्स भी तैयार करवा लिए थे.
पुलिस ने बताया कि मुर्शिदाबाद जिले के सागरदिघी थाना क्षेत्र के धुमारपारा इलाके में पुलिस ने रविवार को बांग्लादेश से अवैध रूप से सीमा पार कर लंबे वक्त से भारत में रह रहे एक ही परिवार के पांच सदस्यों को हिरासत में लिया है. पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान बांग्लादेश के चपाईनवाबगंज जिले के मूल निवासी 43 वर्षीय उजीर अली, उनकी 36 वर्षीय पत्नी जैनुर खातून और उनके तीन बेटों 15 वर्षीय शिहाद शेख, 10 वर्षीय इंजामुल हक तथा 4 वर्षीय अब्दुल समद शेख के रूप में हुई है.
13 साल पहले की थी घुसपैठ
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में ये बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी उजीर अली करीब 13 साल पहले अवैध रूप से भारतीय सीमा में दाखिल हुआ था. यहां पैर जमाने के बाद उसने सागरदिघी के धुमारपारा इलाके को अपना ठिकाना बनाया. परिवार का पेट पालने के लिए उसने दक्षिण भारत के कई राज्यों में जाकर राजमिस्त्री के तौर पर काम करना शुरू कर दिया था.
'जमीन खरीद कर बनवाया घर'
जांच में ये बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी ने धुमारपारा में न केवल करीब 15 डेसिमल जमीन खरीदी, बल्कि उस पर अपना एक पक्का मकान भी खड़ा कर लिया. पुलिस का दावा है कि भारत आने के बाद इस परिवार ने जाली और फर्जी कागजातों का इस्तेमाल करके अवैध तरीके से वोटर आईडी कार्ड और एक अन्य सरकारी पहचान पत्र भी प्राप्त कर लिए थे.
कड़ी पूछताछ के दौरान उजीर अली ने स्वीकार किया कि जब वह बांग्लादेश से सीमा पार कर भारत आया था, तब उसके साथ केवल उसका बड़ा बेटा था. इसके बाद भारत में रहने के दौरान उनके दो और बच्चों का जन्म हुआ. वर्तमान में उसका सबसे बड़ा बेटा आठवीं कक्षा में और दूसरे नंबर का बेटा चौथी कक्षा में पढ़ाई कर रहा है.
होल्डिंग सेंटर भेजा परिवार
रविवार को चले इस पुलिस ऑपरेशन के बाद सभी पांचों आरोपियों को हिरासत में लेकर संबंधित कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं. इसके बाद पुलिस ने पूरे परिवार को सुती थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अहिरन होल्डिंग सेंटर में भेज दिया है. पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि वो इतने सालों तक कैसे छिपे रहे.
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