'अगर वो बॉर्डर पर फेंसिंग में बाधा डालेंगे तो...', मिथुन चक्रवर्ती ने बांग्लादेश के जवानों को चेताया

पश्चिम बंगाल में BSF को सौंपे जाने वाली जमीन पर बाड़ लगाने का काम चल रहा है. कूचबिहार के तीन बीघा कॉरिडोर के पास बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) ने जमीन सर्वेक्षण में रुकावट डाली. ऐसे में बीजेपी नेता और एक्टर मिथुन चक्रवर्ती ने BGB की इस हरकत पर चेतावनी दीया गया

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मिथुन चक्रवर्ती BGB पर भड़कते दिखे. (Photo- ITGD) मिथुन चक्रवर्ती BGB पर भड़कते दिखे. (Photo- ITGD)

तपस सेनगुप्ता

  • कोलकाता,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:07 AM IST

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के महज 45 दिनों के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने के काम में बड़ी तेजी आई है. जैसे ही ये काम शुरू हुआ, कूचबिहार के 'तीन बीघा कॉरिडोर' के पास बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) ने इसमें रुकावट डालने की कोशिश की. इसे लेकर बीजेपी नेता और एक्टर मिथुन चक्रवर्ती ने चेतावनी दी है.

कूचबिहार में एक कैंसर सेंटर के दौरे पर आए मिथुन चक्रवर्ती ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, 'उन्होंने (BGB) रुकावटें डालने की बात कही थी, अब देखो अगर वो सचमुच ऐसा करते हैं तो क्या होता है.'

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मिथुन चक्रवर्ती ने आगे कहा कि वो इस मामले पर बहुत ज्यादा नहीं बोलना चाहते, क्योंकि गुस्से में वो कुछ उल्टा-सीधा कह सकते हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने काम रोकने की धमकी दी थी, इसलिए अब सिर्फ इंतजार करना चाहिए और देखना चाहिए कि इसके क्या नतीजे होते हैं.

'घुसपैठ रोकना सबसे जरूरी...'

मिथुन चक्रवर्ती ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन सौंपने के राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के फैसले की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि सबसे पहले घुसपैठ को रोकना बेहद जरूरी है, जिसके लिए ये कटीले तारों की बाड़ लगाना बिल्कुल जरूरी है. 

उन्होंने याद दिलाया कि बीजेपी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान ही घुसपैठ रोकने के लिए सीमा पर बाड़ लगाने का ऐलान किया था और सत्ता में आते ही पार्टी ने अपना ये वादा पूरा कर दिया है.

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पहली कैबिनेट बैठक में ही CM शुभेंदु ने लिया था फैसला

बता दें कि बंगाल के शुभेंदु अधिकारी ने 11 मई को मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने अपनी सबसे पहली कैबिनेट बैठक में ही बीएसएफ को जमीन ट्रांसफर करने का फैसला लिया था. इसके तुरंत बाद, पूरे राज्य में बीएसएफ को जमीन सौंपने का प्रशासनिक काम तेजी से शुरू कर दिया गया.

इस फैसले के तहत कूचबिहार की मेखलीगंज के तीन बीघा कॉरिडोर के पास काल्सीग्राम गांव में जब भूमि और भूमि सुधार विभाग के अधिकारी जमीन की नपाई करने पहुंचे, तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा. वहां बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) ने उनके लैंड सर्वे (जमीन सर्वेक्षण) के काम में रुकावट पैदा की.

रुकावट के बावजूद नहीं थमा काम, फ्लैग मीटिंग जारी

BGB के इस विरोध के बाद सीमा पर तनाव को कम करने के लिए BSF और BGB के बीच एक फ्लैग मीटिंग बुलाई गई. इस बीच भी इलाके में जमीन अधिग्रहण का काम लगातार जारी है. इस मामले की जानकारी मिलते ही मेखलीगंज से बीजेपी विधायक दधिराम राय ने तुरंत BSF अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की.

यह भी पढ़ें: मिथुन चक्रवर्ती के बयान पर TMC का पलटवार, कहा - यही है BJP का महिलाओं के प्रति सम्मान?

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बैठक के बाद दधिराम राय ने कहा, 'भले ही BGB ने रुकावटें पैदा करने की कोशिश की, लेकिन हमारा काम बिल्कुल नहीं रुका है. कटीले तारों की बाड़ के लिए जमीन अधिग्रहण का काम सभी नियमों के मुताबिक आगे बढ़ रहा है. इस मामले को लेकर BSF और बीजीबी के बीच सामान्य नियमों के तहत फ्लैग मीटिंग्स भी हो चुकी हैं.'

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