‘नियमों को ताक पर रखकर बना ट्रंप टावर’, TMC पार्षद फैज अहमद खान के दावे से मचा हड़कंप

कोलकाता के चर्चित ट्रंप टावर प्रोजेक्ट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. टीएमसी पार्षद फैज अहमद खान ने आरोप लगाया है कि पूरी इमारत नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई है. उन्होंने कहा कि बिना उचित अनुमति के निर्माण किया गया और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई. मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है.

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टीएमसी पार्षद फैज अहमद खान. (Photo: Screengrab) टीएमसी पार्षद फैज अहमद खान. (Photo: Screengrab)

अनिर्बन सिन्हा रॉय

  • कोलकाता ,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:25 PM IST

कोलकाता के चर्चित ट्रंप टावर प्रोजेक्ट को लेकर नया विवाद सामने आया है. टीएमसी पार्षद फैज अहमद खान ने इस लग्जरी रिहायशी परियोजना पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पूरी इमारत अवैध तरीके से बनाई गई है. उनके बयान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. फैज अहमद खान टीएमसी विधायक जावेद अहमद खान के बेटे हैं और वर्तमान में वार्ड पार्षद हैं. उन्होंने कहा कि 42 मंजिला ट्रंप टावर  पूरी तरह नियमों के खिलाफ बनाकर खड़ा किया गया है. उनके अनुसार इतने बड़े प्रोजेक्ट को बिना उचित अनुमति और तय नियमों की अनदेखी करते हुए तैयार किया गया.

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इसके अलावा उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतने बड़े निर्माण को इतने लंबे समय तक सबकी आंखों के सामने कैसे बनने दिया गया. कौन से नियमों का उल्लंघन हुआ और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे. उन्होंने यह भी कहा कि किसी दूसरे प्लॉट की योजना को दूसरी जगह लागू करना नियमों के खिलाफ है, लेकिन यहां ऐसा किया गया.

42 मंजिला इमारत नियमों के खिलाफ बनाई गई

फैज अहमद खान ने दावा किया कि उन्होंने इस मुद्दे को बरो मीटिंग में भी उठाया था और शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों के घरों पर अक्सर बुलडोजर चलाया जाता है, लेकिन इतने बड़े प्रोजेक्ट पर कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है. इन आरोपों के बाद अब ट्रंप टावर परियोजना के खरीदारों, डेवलपर्स और अनुमति देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. साथ ही कोलकाता नगर निगम और अन्य नियामक संस्थाओं की जवाबदेही पर भी चर्चा तेज हो गई है.

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ट्रंप टावर कोलकाता पूर्वी भारत की सबसे चर्चित लग्जरी रिहायशी परियोजनाओं में गिना जाता है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह 38 मंजिला और लगभग 140 मीटर ऊंची इमारत है, जिसका निर्माण शहर के ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाईपास के पास किया जा रहा है. इस परियोजना को ट्रिबेका, यूनिमार्क और आरडीबी समूह मिलकर विकसित कर रहे हैं. इन कंपनियों का गठबंधन साल 2016 में बना था और इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ था.

शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल

विवाद को और बढ़ाने वाली बात यह भी है कि फैज अहमद खान ने इमारत को 42 मंजिला बताया, जबकि आधिकारिक रिकॉर्ड में इसे 38 मंजिला परियोजना बताया गया है. ट्रंप ब्रांड से जुड़े होने के कारण यह प्रोजेक्ट शुरुआत से ही चर्चा में रहा है. शहर के कई संपन्न परिवारों ने यहां फ्लैट खरीदे हैं. लग्जरी अपार्टमेंट, आधुनिक सुविधाएं और आकर्षक डिजाइन इसकी पहचान माने जाते हैं. फिलहाल इन आरोपों के बाद मामले में नई जांच की मांग उठने लगी है और अब सबकी नजर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.

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