कलकत्ता HC ने TMC के यूथ विंग को दी रैली की इजाजत, पर लागू होंगी सख्त शर्तें

कलकत्ता हाई कोर्ट ने युवा तृणमूल कांग्रेस की 8 जुलाई को प्रस्तावित विरोध रैली को सशर्त मंजूरी दे दी है. अदालत ने रैली के मार्ग, समय, प्रतिभागियों की संख्या और कानून-व्यवस्था को लेकर कई शर्तें तय की हैं. अधिकतम 1,000 लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी, जबकि लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी.

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कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता गुट की टीएमसी के यूथ विंग को कड़ी शर्तों के साथ रैली निकालने की मंजूरी दी. (File Photo: PTI) कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता गुट की टीएमसी के यूथ विंग को कड़ी शर्तों के साथ रैली निकालने की मंजूरी दी. (File Photo: PTI)

अनुपम मिश्रा

  • कोलकाता,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:44 PM IST

कलकत्ता हाई कोर्ट ने युवा तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) की विरोध रैली को सशर्त अनुमति दे दी है. यह रैली हाल की विभिन्न घटनाओं के विरोध में आयोजित की जाएगी. न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने अपने आदेश में कहा कि रैली बालीगंज फाड़ी से हाजरा क्रॉसिंग तक जाएगी. हालांकि, रैली को हाजरा क्रॉसिंग का चक्कर लगाने की अनुमति नहीं होगी.

अदालत ने रैली में अधिकतम 1,000 समर्थकों के शामिल होने की अनुमति दी है. रैली दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे के बीच आयोजित होगी और सड़क के केवल एक हिस्से का ही इस्तेमाल किया जाएगा. हाई कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि आयोजन से पहले युवा तृणमूल कांग्रेस को जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के समक्ष एक लिखित आश्वासन देना होगा, जिसमें किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी स्वीकार की जाएगी.

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अदालत ने रैली के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया है. साथ ही, आयोजकों को शाम 4:30 बजे तक पूरा इलाका खाली करना होगा. दरअसल, पश्चिम बंगाल युवा तृणमूल कांग्रेस ने 8 जुलाई को विभिन्न हालिया घटनाओं के विरोध में रैली निकालने के लिए जॉइंट सीपी से अनुमति मांगी थी. यह आवेदन 6 जुलाई को दिया गया था, लेकिन पुलिस ने इसे खारिज कर दिया.

इसके बाद संगठन ने अनुमति के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया. शुरुआत में रैली बालीगंज फाड़ी से लैंसडाउन मार्केट तक निकालने की अनुमति मांगी गई थी. राज्य सरकार की ओर से अदालत में दलील दी गई कि यह मार्ग कई अस्पतालों से होकर गुजरता है और कार्यदिवस होने के कारण इस रूट पर रैली की अनुमति देना व्यावहारिक नहीं होगा. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने उपरोक्त शर्तों के साथ रैली आयोजित करने की अनुमति प्रदान कर दी.

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