बंगाल में आवास योजना पर 'कट मनी' के आरोप, दबाव बढ़ने पर TMC नेताओं ने लौटाए पैसे

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में आवास योजना के तहत फायदा दिलाने के बदले कट मनी लेने के आरोपों के बाद TMC नेताओं ने गांव वालों को पैसे लौटाए.

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TMC नेताओं पर सरकारी आवास दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप (Photo: Screengrab) TMC नेताओं पर सरकारी आवास दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप (Photo: Screengrab)

तपस सेनगुप्ता

  • कूचबिहार,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 3:59 PM IST

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में सीतलकुची ब्लॉक की भैरथाना ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 194 के तहत आने वाले छोटे बांगदाकी गांव में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. यह विवाद 'आवास योजना' के तहत घर बनाने की सुविधा दिलाने के बदले ग्रामीणों से 'कट मनी' यानी गैर-कानूनी कमीशन या रिश्वत वसूलने के गंभीर आरोपों के बाद शुरू हुआ.

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स्थानीय लोगों का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के तीन स्थानीय नेताओं- मनोज अधिकारी, उत्तम बर्मन और क्षितीश देब शर्मा ने सरकारी आवास योजना का फायदा दिलाने का वादा करके ग्रामीणों से पैसे लिए थे.

खबरों के मुताबिक, जनता के भारी दबाव और बढ़ते गुस्से की वजह से इन तीनों नेताओं ने हाल ही में कई स्थानीय निवासियों को करीब 90,000 रुपए वापस किए.

आरोपों पर क्या बोले TMC नेता?

पैसे वापस करने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में इस पर बहस छिड़ गई. स्थानीय लोगों का दावा है कि नेताओं के द्वारा हर लाभार्थी से रिश्वत के तौर पर 8,000 से 10,000 रुपए तक वसूले जाते थे.

आरोपों के बारे में पूछे जाने पर टीएमसी नेता मनोज अधिकारी ने कहा, "पार्टी के निर्देशों के मुताबिक कुछ फंड इकट्ठा किए गए थे. हालांकि, निवासी अब अपने पैसे वापस मांग रहे हैं, इसलिए हम उन्हें पैसे लौटा रहे हैं."

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यह भी पढ़ें: ममता की सुरक्षा में कटौती को लेकर टीएमसी नेताओं का गुस्सा फूटा

TMC के ही एक अन्य नेता उत्तम बर्मन ने भी इसी बात को दोहराया. वहीं, TMC नेता क्षितीश देब शर्मा के बेटे अक्षय देब शर्मा ने बताया कि उस खास दिन कई निवासियों को कुल 13,000 रुपए वापस किए गए थे.

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