कौन है वो 'बड़ा सर्राफ व्यापारी' Saharanpur Suicide केस में आया जिसका नाम? सौरभ बब्बर पर 10 करोड़ कर्ज की पूरी कहानी

सौरभ बब्बर सुसाइड मामले में एक 'बड़ा सर्राफ व्यापारी' का नाम सामने आ रहा है. बताया जा रहा है की सौरभ ने कमेटी मेंबर्स से जो पैसे उठाए थे वो उस व्यापारी को दिए थे. लेकिन व्यापारी का बेटा सारे रुपये लेकर दुबई भाग गया. इसी के बाद से सौरभ कर्ज के दलदल में फंसता चला गया.

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aajtak.in

  • सहारनपुर ,
  • 20 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 6:01 PM IST

सहारनपुर के ज्वैलर सौरभ बब्बर और उसकी पत्नी मोना बब्बर के सुसाइड मामले में 'बड़ा सर्राफ व्यापारी' का नाम सामने आ रहा है. बताया जा रहा है कि सौरभ ने कमेटी में जमा करोड़ों रुपये इसी व्यापारी को दिए थे. व्यापारी पैसों के बदले उसे गोल्ड/सिल्वर या अन्य आभूषण देता था, जिसे सौरभ कमेटी मेंबर्स को लकी ड्रॉ पर इनाम के तौर पर देता था. लेकिन बीते दिनों 'बड़ा सर्राफ व्यापारी' का बेटा कमेटी में लगा सारा पैसा लेकर दुबई भाग गया, जिसके चलते सौरभ पर दबाव बढ़ गया. उसपर करोड़ों का कर्ज हो गया और इसी कर्ज के बोझ से परेशान होकर उसने मौत को गले लगा लिया.  

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जानकारी के मुताबिक, 12 सालों से सौरभ बब्बर सहारनपुर जिले के किशुनपूरा इलाके में श्री सांई नाम से ज्वैलर की दुकान चला रहा था. इसके साथ-साथ वो किटी गोल्ड कमेटी भी चलाता था. सौरभ व्यवहार-कुशल था, इसलिए लोग उसपर विश्वास करते थे. उसकी दुकान भी ठीक-ठाक चल रही थी. शुरू में कुछ ही लोग उससे जुड़े थे, लेकिन धीरे-धीरे जब उसने कमेटियां देनी शुरू की तो लोगों को उसपर विश्वास और बढ़ गया. ऐसा करते-करते करीब 1400 लोग उसके ग्रुप (कमेटी) से जुड़ गए. 

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लोगों ने बताया कि सौरभ 6-7 कमेटियां चला रहा था. हर कमेटी में 200 मेंबर्स थे, यानी करीब 1400 मेंबर्स सौरभ के पास कमेटी डालते थे. हर कमेटी मेंबर उसे महीने के 2000 रुपये देता था. इस हिसाब से उसके पास प्रति महीने 28 लाख रुपये जमा होते थे. ये कमेटी 20 महीने की होती थी, मतलब- प्रत्येक शख्स 20 महीने तक उसे 40 हजार रुपये देता था. इस हिसाब से 20 महीनों के अंदर सौरभ के पास करीब पांच करोड़ 60 लाख रुपये आ गए थे. 

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इन्हीं रुपयों को सौरभ ने 'बड़ा सर्राफ व्यापारी' को दे दिए थे ताकि वो पैसों के बदले सोने के जेवरात उसे बनाकर दे और वो उन जेवरातों को अपने कमेटी मेंबर्स को दे दे. 

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कथित तौर पर जिस 'बड़ा सर्राफ व्यापारी' को सौरभ ने पैसे दिए थे, उसका बेटा सारे वो पैसे लेकर दुबई भाग गया और सौरभ मुश्किल में फंस गया. इसके बाद सौरभ ने कई और लोगों से पैसे लिए और देनदारों (जिनसे दो-दो हजार रुपए हर महीने लिए थे) को पैसे देने शुरू किए. मगर उसकी इतनी आमदनी नहीं थी कि वो सबके पैसे लौटा दे. इस वजह से सौरभ तनाव में आता जा रहा था. वो कर्जदारों को ब्याज देते-देते थक गया था. 

दूसरी तरफ वो लोग (जिन्होंने कमेटियां डाली थी) भी उसके पास वसूली करने लगातार आ रहे थे. वो अपने पैसे मांग रहे थे, लेकिन सौरभ ब्याज चुकाता या उनको पैसे देता, इस तरह वो कर्ज का ब्याज देते-देते और गोल्ड किटी कमेटी के दलदल में बुरी तरह फंस गया. 

कुछ कमेटी मेंबर्स का यह भी कहना है कि सौरभ बब्बर महंगे होटलों में किट्टी पार्टी करता था. लग्जरी लाइफ जीता था. साथ ही रकम का एक बड़ा हिस्सा शेयर मार्केट में भी निवेश कर रखा था. लेकिन शेयर मार्केट में उसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ा और वो कर्जदार हो गया. निवेश के लिए सूदखोरों से ऊंची ब्याज दरों पर पैसा उधार लिया था. 

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लोगों की माने तो सौरभ पर करीब 10 करोड़ कर्ज हो गया था. हालांकि, पिता दर्शनलाल का कहना है कि उन्हें बेटे के कर्ज के बारे में कुछ नहीं पता. बकौल दर्शनलाल- हमें यकीन नहीं था कि सौरभ कभी ऐसा करेगा. वो हम लोगों को जिंदगी भर का गम दे गया. कर्ज के बारे में पता होता तो उससे बात करते, समझाते, ये कदम नहीं उठाने देते, लेकिन उसने कभी जिक्र ही नहीं किया. 

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दर्शनलाल के अनुसार, सौरभ शुक्रवार की रात (9 अगस्त) अपनी पत्नी मोना और दो बच्चों को लेकर ससुराल गया था. फिर वहां बच्चों को छोड़कर और पत्नी को लेकर हरिद्वार निकल गया. लोगों से पता चला कि हरिद्वार में गंगा में कूदकर उसने जान दे दी. इस घटना के दो दिन पहले उससे मिला था. बहू को लेकर घर आता रहता था, लेकिन कभी ऐसा नहीं लगा कि इतना बड़ा कदम उठा लेगा. कर्ज या लेनदेन का पता होता तो हम लोग उससे बैठकर बात करते. 

लेनदारों के चेहरे पर मायूसी छाई 

सौरभ के जाने के बाद लेनदारों के चेहरे पर मायूसी छा गई है. वे अपने पैसों को लेकर परेशान हैं. कई ऐसे परिवार हैं जिन्होंने अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा विश्वास के साथ सौरभ के हाथों में दिया था. ये रकम 7 करोड़ से अधिक हो गई थी और सौरभ को करीब 10 करोड़ का कर्ज चुकाना था. जिन परिवारों का पैसा सौरभ के साथ डूब गया उनका कहना है कि वो भी जैसे जीते-जी मर गए हैं. 

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फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. अभी तक सौरभ की पत्नी मोना का शव नहीं मिल सका है. पुलिस का कहना है कि परिवार वाले अभी इस स्थिति में नहीं हैं कि उनसे गहनता से पूछताछ की जा सके. धीरे-धीरे जो तथ्य और जानकारी सामने आ रहे हैं उन्हे कलेक्ट किया जा रहा है. यदि परिवार वाले कोई तहरीर देंगे तो उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी. 

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(इनपुट- राहुल कुमार)

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