फर्जी दारोगा बनकर घूम रहा था 12वीं पास युवक, पुलिस ने वर्दी-आईडी कार्ड समेत दबोचा

वाराणसी में प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल रहने के बाद एक 12वीं पास युवक ने खुद को दरोगा बताकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया. पुलिस, कचहरी और नगर निगम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसने 8-10 लोगों से लाखों रुपये ऐंठ लिए. शिकायत मिलने पर पुलिस ने उसे फर्जी पुलिस वर्दी, आईडी कार्ड और अन्य सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया.

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8-10 लोगों को बनाया शिकार.(Photo: Roushan Kumar/ITG) 8-10 लोगों को बनाया शिकार.(Photo: Roushan Kumar/ITG)

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 02 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:21 PM IST

सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर लोगों से ठगी करने के लिए एक युवक ने ऐसा रास्ता चुना, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया. प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता नहीं मिली तो उसने खुद ही वर्दी पहनकर फर्जी दारोगा बन गया. पुलिस की वर्दी पहनकर रौब झाड़ा, फर्जी पहचान बनाई और फिर सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी शुरू कर दी.

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दरअसल, यह मामला उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के चोलापुर थाना क्षेत्र का है. पुलिस ने लंबे समय से फर्जी दारोगा बनकर घूम रहे आरोपी राजन प्रजापति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपी की शैक्षिक योग्यता महज 12वीं पास बताई जा रही है, लेकिन वह खुद को पुलिस विभाग में प्रभावशाली अधिकारी बताकर लोगों को अपने झांसे में लेता था.

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पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को विश्वास दिलाने के लिए खाकी वर्दी पहनता था और पुलिस विभाग में अच्छी पकड़ होने का दावा करता था. इसी झूठे रुतबे के दम पर उसने कई लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूल ली.

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नौकरी का झांसा देकर ऐंठ लिए एक लाख रुपये

जांच में सामने आया कि सिंधोरा थाना क्षेत्र के महंगाव निवासी किशन विश्वकर्मा अपने ननिहाल कुरौली गांव पहुंचे थे. वहीं उनकी मुलाकात शिवपुर निवासी राजन प्रजापति से हुई. राजन ने खुद को दारोगा बताते हुए पुलिस विभाग में मजबूत पहुंच होने का दावा किया.

आरोपी ने किशन को पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और धीरे-धीरे उससे करीब एक लाख रुपये ले लिए. जब पैसे लेने के बाद भी नौकरी नहीं मिली और आरोपी ने मोबाइल नंबर तक ब्लॉक कर दिया, तब पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ.

इसके बाद किशन ने चोलापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

वर्दी, आईडी कार्ड और पुलिस का पूरा सामान बरामद

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी पुलिस अधिकारी बनने में इस्तेमाल किया जाने वाला काफी सामान बरामद किया. इसमें एक खाकी वर्दी सेट, चार स्टार पीली धातु मय फ्लैप और पुलिस कलर रिबन, बेल्ट, ब्राउन रंग के जूते, खाकी मोजे, पी-कैप, बैरेट कैप मय ताज, दो नेम प्लेट, दो उत्तर प्रदेश पुलिस बैज, सीटी डोरी, तीन पुलिस आईडी कार्ड, आधार कार्ड, आपदा मित्र कार्ड, निर्वाचन कार्ड, यूनियन बैंक का एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, नियुक्ति पत्र की छायाप्रति और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन शामिल हैं.

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पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने ये सभी सामान कहां से तैयार कराया और क्या इस फर्जीवाड़े में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था.

बरामद सामान से साफ है कि आरोपी पूरी तैयारी के साथ खुद को पुलिस अधिकारी के रूप में पेश करता था, ताकि लोगों को उसके झांसे पर शक न हो.

ADCP बोलीं- 8 से 10 लोगों को बना चुका है शिकार

ADCP वरुणा लिपि नगायच ने बताया कि आरोपी ने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लिया था, लेकिन सफल नहीं हो सका. इसके बाद उसने दारोगा की वर्दी पहनकर लोगों को ठगने का रास्ता चुन लिया.

उन्होंने बताया कि आरोपी की शैक्षिक योग्यता केवल 12वीं पास है. इसके बावजूद वह पुलिस, नगर निगम और कचहरी जैसे सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झूठा भरोसा देकर लोगों से पैसे वसूलता था.

पुलिस के अनुसार अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी 8 से 10 लोगों को अपना शिकार बना चुका है और उनसे करीब 8 से 10 लाख रुपये की ठगी कर चुका है. पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों की भी जानकारी जुटा रही है.

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