Gyanvapi परिसर में 30 साल बाद मिला पूजा का अधिकार, विश्व हिंदू परिषद ने कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

वाराणसी की एक अदालत ने बुधवार को हिंदू पक्ष को ज्ञानवापी के दक्षिणी हिस्से के तहखाने में पूजा करने का अधिकार दे दिया. फैसला सुनाए जाने के बाद तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं. आज तक टीवी ने विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार से बात की.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

अनमोल नाथ

  • नई दिल्ली,
  • 31 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 10:08 PM IST

वाराणसी की एक अदालत ने बुधवार को हिंदू पक्ष को ज्ञानवापी के दक्षिणी हिस्से के तहखाने में पूजा करने का अधिकार दे दिया. फैसला सुनाए जाने के बाद तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं. आज तक टीवी ने विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार से बात की. उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि आज अदालत ने कहा कि काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के साथ उस मुकदमे में वादी नियमित पूजा अर्चना और अन्य प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए एक पुजारी नियुक्त करेगा. उस तहखाने के मंदिर में अनुष्ठान कर सकते हैं. यह यथास्थिति बहाल करता है. यह हमें उस स्थान पर भगवान की पूजा करने का अधिकार वापस देता है. उन्होंने कहा, आज अन्याय  के साथ न्याय हुआ है.

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VHP प्रमुख ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि यह मुख्य मुकदमे के शीघ्र निर्णय का अग्रदूत होगा. उपलब्ध साक्ष्यों और कानून की हमारी समझ के आधार पर, हम आशा करते हैं कि मुख्य मुकदमों में अंतिम निर्णय भी हमारे पक्ष में होगा और हिंदुओं की भलाई और कल्याण के लिए आदि विश्वेश्वर के मंदिर के लिए ज्ञानवापी स्थान वापस मिलेगा.'

मुस्लिम पक्ष द्वारा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने की योजना के बारे में पूछे जाने पर VHP प्रमुख ने कहा, 'हमें लगता है कि भविष्य में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों बेसमेंट में भगवान की पूजा नहीं रोकेंगे. मुस्लिम पक्ष को ऊपरी अदालतों में जाने का पूरा अधिकार है लेकिन आज अन्याय  के साथ न्याय हुआ है.'

जिला प्रशासन को 7 दिन के अंदर व्यवस्था कराने का आदेश
बता दें कि वाराणसी की जिला कोर्ट ने ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में हिंदू पक्ष को पूजा करने का अधिकार दे दिया है. कोर्ट ने जिला प्रशासन को बैरिकेडिंग में 7 दिन के अंदर व्यवस्था कराने का आदेश दिया है. ये तहखाना मस्जिद के नीचे है. इसे हिंदू पक्ष के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है लेकिन मुस्लिम पक्ष इस फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रहा है.

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फिरंगी महली ने कहा-हम फैसले से बेहद निराश
मौलाना खालिद राशिद फिरंगी महली ने ज्ञानवापी के फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि हम कोर्ट के इस फैसले से बेहद निराश हैं. इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने का विकल्प खुला हुआ है. कहा जा रहा है कि काशी विश्वनाथ ट्रस्ट बोर्ड की तरफ से पूजा अर्चना करवाई जाएगी. हिंदू पक्ष ने इसे बड़ी जीत बताया है और 30 साल बाद न्याय मिलने का दावा किया है. नवंबर 1993 तक यहां पूजा-पाठ किया जाता था.

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