यूपी में इस वक्त गर्मी से लोग परेशान है. सुबह होते ही सूरज आग उगलना शुरू कर देता है और दोपहर तक सड़कें तवे की तरह तपने लगती हैं. हालात ऐसे हैं कि घरों की दीवारें तक गर्म हो रही हैं, कूलर और पंखे जवाब देने लगे हैं और लोग दोपहर में बाहर निकलने से बच रहे हैं. इस बीच मौसम विभाग ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उन्होंने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है.
बांदा फिर बना देश का सबसे गर्म जिला
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक उत्तर प्रदेश का बांदा देश का सबसे गर्म जिला रहा. यहां तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. यह सामान्य से कई डिग्री अधिक है और इसे गंभीर लू की श्रेणी में रखा गया है. लगातार दूसरे दिन बांदा देश में सबसे ज्यादा गर्म रहा. यहां दोपहर के समय सड़कें सूनी दिखीं. लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले. कई जगहों पर राहगीर पेड़ों और दुकानों की छांव में रुकते दिखाई दिए.
यूपी के कई शहर 45 डिग्री के पार
सिर्फ बांदा ही नहीं, प्रदेश के कई शहर इस समय भीषण गर्मी की चपेट में हैं.
उरई: 45.8°C
झांसी : 45.5°C
प्रयागराज : 45.4°C
आगरा : 45.3°C
हमीरपुर : 45.2°C
मौसम विभाग का कहना है कि दिन के साथ-साथ रातें भी लोगों को राहत नहीं दे रही हैं. कई जिलों में गर्म हवाओं और उमस की वजह से लोग पूरी रात परेशान रहे.
आखिर नौतपा इतना खतरनाक क्यों माना जाता है
भारतीय परंपरा में सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के बाद शुरू होने वाले नौ दिनों को नौतपा कहा जाता है. माना जाता है कि यही साल का सबसे गर्म दौर होता है. इस बार नौतपा की शुरुआत के साथ ही तापमान तेजी से बढ़ा है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने और सूखी गर्म हवाओं के कारण उत्तर भारत में तापमान लगातार ऊपर जा रहा है. ग्रामीण इलाकों में दोपहर के समय खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है. कई जगह किसान सुबह जल्दी या शाम ढलने के बाद खेतों की ओर जा रहे हैं.
सड़कें सूनी, बाजारों में सन्नाटा
भीषण गर्मी का असर आम जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है. दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम हो रही है. सड़क किनारे चाय और नाश्ते की दुकानों पर लोग कम दिखाई दे रहे हैं. लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों में दोपहर के समय ट्रैफिक भी सामान्य दिनों के मुकाबले कम दिखा. लखनऊ के हजरतगंज इलाके में ट्रैफिक सिग्नलों के ऊपर हरे रंग की शेड लगाई गई हैं ताकि धूप में खड़े लोगों को थोड़ी राहत मिल सके. कई चौराहों पर पानी का छिड़काव भी कराया जा रहा है. भीषण गर्मी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है. सरकारी अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आने, उल्टी और लू लगने के मरीज बढ़ रहे हैं. राज्य सरकार ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा है. डॉक्टर लोगों को लगातार सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा खतरे में हैं. डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बिना जरूरत दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर न निकलें.
बिजली व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ गई है. शहरों से लेकर गांवों तक एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ने से ट्रांसफार्मरों पर दबाव बढ़ गया है. गोंडा में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए खास इंतजाम किए हैं. कहीं बड़े पंखे लगाए गए हैं तो कहीं लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है. बिजली विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि हर आधे घंटे पर ट्रांसफार्मर की कूलिंग की जा रही है ताकि गर्मी की वजह से सप्लाई प्रभावित न हो.
धार्मिक स्थलों पर भी बदले इंतजाम
अयोध्या में नौतपा के दौरान मंदिरों में विशेष पूजा और अनुष्ठान हो रहे हैं. भगवान को ठंडक पहुंचाने के लिए शीतल पेय, फूल और चंदन का उपयोग किया जा रहा है. संतों का कहना है कि नौतपा का धार्मिक महत्व भी बेहद खास माना जाता है. इस दौरान दान-पुण्य और पूजा-पाठ का विशेष महत्व बताया गया है.
मौसम विभाग ने बताया कब मिलेगी राहत
सबसे बड़ी राहत की खबर मौसम विभाग की ओर से आई है. IMD के अनुसार अगले दो से तीन दिन तक गर्मी का असर इसी तरह बना रह सकता है, लेकिन 29 मई के बाद मौसम बदलने की संभावना है. विभाग का अनुमान है कि सप्ताह के अंत तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इससे तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तब तक लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है.
मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण के मुताबिक अब मानसून केरल में 2 से 4 जून के बीच दस्तक दे सकता है. पहले इसके 26 मई तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन मौसम की परिस्थितियां अनुकूल नहीं बनने की वजह से इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है. IMD का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम और बदलते विंड पैटर्न के कारण मानसून की एंट्री में देरी हुई है, हालांकि राहत की बात यह है कि अगले कुछ दिनों में केरल समेत दक्षिण भारत में बारिश होने की संभावना है.
सरकार की एडवाइजरी
प्रदेश सरकार ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है. दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें, हल्के और सूती कपड़े पहनें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, मौसमी फल और तरल पदार्थ लें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखेंऔर खाली पेट धूप में बाहर न जाएं.
आने वाले दिन क्यों होंगे अहम?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा के अगले कुछ दिन बेहद अहम रहने वाले हैं. अगर तापमान इसी तरह बना रहा तो बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव और बढ़ सकता है. फिलहाल पूरे उत्तर प्रदेश में लोगों की नजरें आसमान पर टिकी हैं. हर कोई यही इंतजार कर रहा है कि कब बादल आएं और इस झुलसाती गर्मी से राहत मिले.
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