उत्तर प्रदेश में रिकॉर्डतोड़ गर्मी और बढ़ते पारे के बीच बिजली की मांग बढ़ गई है. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक बुलाई. सीएम योगी ने साफ निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी में गांव से लेकर शहर तक बिजली की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए.
सीएम योगी ने बिजली अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेशवासियों को बेहतर बिजली मुहैया कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने और सभी पावर प्लांट्स को पूरी क्षमता के साथ चलाने पर जोर दिया.
दूसरी तरफ, राज्य में बिजली कटौती को लेकर हो रही राजनीति पर यूपी के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने विरोधियों को कड़ा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर राज्य की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं.
'जनता की शिकायतों का तुरंत निपटारा होना चाहिए'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ट्रांसमिशन नेटवर्क को और अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाया जाए. उन्होंने कहा, 'अब फीडर वाइज मॉनिटरिंग की जाएगी और अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी. जनता की शिकायतों का तुरंत निपटारा होना चाहिए.'
सीएम योगी ने ये भी कहा कि आंधी-तूफान जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों में अगर बिजली कटती है, तो फास्ट रिस्पॉन्स सिस्टम को एक्टिव रखकर उसे तुरंत बहाल किया जाए. इसके साथ ही, उन्होंने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर और सही बिल देने और कलेक्शन क्षमता को और बेहतर बनाने पर जोर दिया. मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को खुद हेल्पलाइन कॉल सेंटर का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को याद दिलाया कि इस साल यूपी में बिजली की पीक डिमांड 30,339 मेगावाट तक पहुंच चुकी है. इसके बावजूद साल 2026 में बढ़ी हुई बिजली मांग के सामने सप्लाई व्यवस्था को हर हाल में मजबूत रखा जाए. आम जनता को बिजली की स्थिति और समस्याओं के समाधान की सही और समय रहते जानकारी दी जानी चाहिए.
एके शर्मा का विपक्ष पर पलटवार
बिजली संकट के आरोपों पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया. उन्होंने लिखा, 'ऐसा लगता है कि कुछ लोग उत्तर प्रदेश को बदनाम करने की कसम खाकर बैठे हैं. पहले जब सिर्फ पांच गांवों में बिजली आती थी, तब उन्हें कोई समस्या नहीं लगती थी. आज पूरे राज्य में बिजली आ रही है. हर गांव और हर गली में रोस्टर के मुताबिक 18 से 24 घंटे बिजली दी जा रही है. लेकिन अगर कुछ गांवों या शहरों के कुछ मोहल्लों में कोई तकनीकी खराबी आती है, तो उसे बहुत बड़ी बात बना दिया जाता है.'
ऊर्जा मंत्री ने राज्य के बिजली नेटवर्क के आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि प्रदेश के 75 जिलों में लगभग 58 हजार ग्राम पंचायतें और 3 लाख विद्युतीकृत गांव और मजरे हैं, जहां सुचारू रूप से बिजली जा रही है. इसके अलावा 762 नगरीय निकायों (जिसमें 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका और 545 नगर पंचायतें शामिल हैं) में भी लगातार बिजली की सप्लाई जारी है.
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उन्होंने साफ किया कि जिन जगहों पर समस्या बताई जा रही है, वो बेहद गिनती की जगहें हैं. इनमें कुछ ग्रामीण क्षेत्र और महज चार-पांच शहरों के कुछ मोहल्ले शामिल थे, जिन्हें दो दिन पहले ही ठीक कर लिया गया है.
मंत्री ने बताया कि वो राज्य के सभी 503 माननीय विधायकों और एमएलसी के संपर्क में रहते हैं और उनके सुझावों पर काम करते हैं. हाल ही में पांच जनपदों से कुछ सुझाव मिले हैं, जिन पर काम किया जाएगा.
आशीष श्रीवास्तव