हरियाणा के गुरुग्राम से ऑटो चालक मनोज और उनके दो बेटों का अपहरण करने वाले बदमाशों का अंत बरेली में एक भीषण सड़क हादसे में हो गया. शनिवार 4 अप्रैल को किडनैप किए गए मयूर और लक्ष्य को बदमाश बोलेरो से कहीं शिफ्ट करने ले जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी बरेली-रामपुर हाईवे पर ट्रक से टकरा गई. इस घटना में आरोपी मनमोहन, सिकंदर और विशेष की मौत हो गई, जबकि प्रिंस नामक आरोपी घायल है. पुलिस जांच में यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग और पारिवारिक रंजिश से जुड़ा पाया गया है, जिसमें आरोपियों ने फिरौती और धमकी का सहारा लिया था.
रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा
बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक तेज रफ्तार बोलेरो कार आगे चल रहे ट्रक टैंकर से जा भिड़ी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि नई बोलेरो के परखच्चे उड़ गए. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां का नजारा देख दंग रह गई.
गाड़ी में तीन युवकों की लाशें फंसी थीं, जबकि एक युवक और दो मासूम बच्चे बेहोशी की हालत में मिले. घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां संदिग्ध गतिविधियों के कारण पुलिस को किडनैपिंग का शक हुआ.
गुरुग्राम से शुरू हुई अपहरण की दास्तां
जांच में पता चला कि 4 अप्रैल को गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-1 इलाके से ऑटो चालक मनोज और उनके दो बेटों, 6 वर्षीय मयूर और 3 वर्षीय लक्ष्य का अपहरण किया गया था. मनोज की पत्नी पूजा ने बताया कि पति का फोन आने पर बदमाशों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी।.बदमाशों ने पूजा को चेतावनी दी थी कि अगर पुलिस को खबर की तो लाशें मिलेंगी. हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और इस अचानक हुए हादसे ने बदमाशों के मंसूबों पर पानी फेर दिया.
प्रेम प्रसंग बना वारदात की वजह
एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में हुई जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. मुख्य मृतक आरोपी मनमोहन, फरीदपुर निवासी नत्थू का बेटा था. मनोज की भांजी के साथ मनमोहन का प्रेम प्रसंग चल रहा था और वह उससे शादी करना चाहता था. मनोज इस रिश्ते के खिलाफ था, जिसके चलते मनमोहन ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने नत्थू के घर फरीदपुर से मनोज को भी सकुशल बरामद कर लिया है.
पुलिस की कार्रवाई
हादसे में घायल बदमाश प्रिंस से पूछताछ और मोबाइल की जांच के बाद पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं. पुलिस को फोन से कई संदिग्ध वीडियो भी मिले हैं. फिलहाल बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी मां पूजा ने उनकी पहचान कर ली है. बरेली पुलिस ने मामले की पूरी जानकारी हरियाणा पुलिस को साझा कर दी है. अब आगे की कानूनी कार्यवाही और विवेचना हरियाणा पुलिस द्वारा की जाएगी, जो बरेली पहुंच चुकी है.
कृष्ण गोपाल राज