उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में कथित तौर पर जबरन धार्मिक नारे लगवाने और मारपीट का मामला सामने आया है. आरोप है कि कुछ दबंग युवकों ने प्रतापगढ़ के एक युवक और उसके रिश्तेदार को रास्ते में रोककर उनके साथ अभद्रता की, धार्मिक नारे लगाने के लिए दबाव बनाया और बाद में उनकी पिटाई कर दी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है.
पीड़ित युवक का आरोप है कि आरोपियों ने न सिर्फ उनके साथ मारपीट की, बल्कि उनके पास मौजूद नकदी और सामान भी छीन लिया. घटना के बाद दोनों युवक काफी डरे हुए थे और लंबे समय तक शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा सके.
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मामला चांदा कोतवाली क्षेत्र का बताया जा रहा है. पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं.
प्रतापगढ़ से रिश्तेदारी में आया था युवक
जानकारी के मुताबिक, प्रतापगढ़ जिले के देवसरा थाना क्षेत्र के रायगंज निवासी आफताब आलम अपने रिश्तेदार मोहम्मद जीशान निवासी दोस्तपुर, सुल्तानपुर के साथ किसी काम से सुल्तानपुर आए थे. दोनों ढकवा बाजार की ओर सामान लेने जा रहे थे.
आफताब का आरोप है कि रास्ते में पहले से घात लगाकर बैठे कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया. इसके बाद उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी गई और कथित तौर पर धार्मिक नारे लगाने का दबाव बनाया गया.
पीड़ित के अनुसार, डर और दबाव के चलते उन्होंने नारे भी लगाए, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों ने उन्हें नहीं छोड़ा और लगातार गालियां देते हुए मारपीट की.
नामजद आरोपियों पर लगाए गंभीर आरोप
आफताब आलम ने वायरल वीडियो और उपलब्ध जानकारी के आधार पर सक्षम पांडेय, कमल, चंदन और सूरज राजा समेत अन्य लोगों पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है. उनके मुताबिक, तीन अन्य अज्ञात लोग भी इस पूरी घटना में शामिल थे.
पीड़ित का कहना है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनके पास मौजूद एक ड्रिल मशीन और करीब 25 हजार रुपये नकद भी छीन लिए. इतना ही नहीं, पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया.
देखें वीडियो...
आरोप है कि बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया. वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया.
सदमे में आया पीड़ित, परिवार को वीडियो से हुई जानकारी
आफताब का कहना है कि घटना के बाद वह इतना डर गया था कि उसकी तबीयत तक खराब हो गई. उसने तत्काल पुलिस से शिकायत नहीं की क्योंकि वह मानसिक रूप से काफी परेशान था.
11 जून को जब उसके परिवार के लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखा और पूरी घटना की जानकारी मिली, तब परिवार ने उसे शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया.
इसके बाद आफताब चांदा कोतवाली पहुंचा और नामजद तथा अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की.
पुलिस बोली- वीडियो की जांच में दो आरोपी चिन्हित
मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी लंभुआ ऋतिक कपूर ने बताया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा दूसरे समुदाय के लोगों के साथ मारपीट और अनुचित व्यवहार किए जाने का वीडियो सामने आया है.
उन्होंने कहा कि थाना चांदा पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए उसकी जांच की. प्रारंभिक जांच में वीडियो थाना क्षेत्र के परमापुर इलाके का पाया गया है.
सीओ के मुताबिक, वीडियो के आधार पर दो आरोपियों की पहचान कर ली गई है. उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है. आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की पहचान भी की जा रही है.
नितिन श्रीवास्तव