संभल: खामेनेई की मौत पर सपा विधायक हुए भावुक, मस्जिद में फफक पड़े; हिंदू संगठन ने नेतन्याहू के सपोर्ट में किया ये काम

संभल में सनातन सेवक संघ ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन में हवन पूजन किया. ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर मुस्लिम समाज के विरोध प्रदर्शन के जवाब में आयोजित इस अनुष्ठान में आतंकवाद के खात्मे और विश्व शांति की प्रार्थना की गई.

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सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद का वीडियो वायरल (Photo- Screengrab) सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद का वीडियो वायरल (Photo- Screengrab)

अभिनव माथुर

  • संभल ,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:02 PM IST

Uttar Pradesh News: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर संभल की मस्जिद में रोते हुए वीडियो वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. विधायक नवाब इकबाल महमूद ने कहा कि ईरान में मरने वालों के लिए दुआ करते वक्त उनका दर्द छलका था. उन्होंने हमलावरों को 'नेस्तनाबूत' करने की दुआ करते हुए केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए.

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नवाब इकबाल ने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जो पीएम 'विश्वगुरु' बनने का सपना देखते हैं, उनके मुंह से इस घटना पर एक शब्द भी नहीं निकला. उन्होंने चेतावनी दी कि पीएम की यह बेरुखी मिडिल ईस्ट में नौकरी करने वाले 1 करोड़ भारतीयों के भविष्य पर भारी पड़ सकती है. 

सपा विधायक इकबाल के मुताबिक, ईरान ने हमेशा भारत का साथ दिया है, इसलिए पीएम को इस वक्त बेरुखी छोड़कर मध्यस्थता करनी चाहिए और जंग रुकवाने की पहल करनी चाहिए. 

उधर, संभल जिले में 5 मार्च को सनातन सेवक संघ के सदस्यों ने एक मंदिर परिसर में विशेष हवन पूजन का आयोजन किया. संगठन के कार्यकर्ताओं और पुजारी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीर वाले पोस्टर लगाकर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां दीं. यह कदम ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद स्थानीय मुस्लिमों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के जवाब में उठाया गया. इस धार्मिक अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य इजरायली पीएम की लंबी उम्र की कामना करना और वैश्विक स्तर पर आतंकवाद को जड़ से मिटाना रहा.

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आतंकवाद के खात्मे के लिए दी आहुतियां

हवन में शामिल सनातन सेवक संघ के कार्यकर्ता कैलाश चंद्र गुप्ता ने कहा कि इजरायल जिस तरह के संकट से गुजर रहा है, भारत भी वैसी ही पीड़ा झेल चुका है. उन्होंने सवाल उठाया कि पुलवामा और पहलगाम जैसे हमलों पर कभी ऐसा विरोध क्यों नहीं देखा गया. कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग भारत में रहकर विदेशी ताकतों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें पाकिस्तान या इराक चले जाना चाहिए.

मंदिर में गूंजे शांति के मंत्र

अनुष्ठान कराने वाले पुजारी ने बताया कि जिस तरह इजरायल आतंकवाद का मुकाबला कर रहा है, भारत भी उसका शिकार रहा है. मंदिर में नेतन्याहू के पोस्टर लगाकर उनकी लंबी उम्र और विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई. इस दौरान पूरे विधि-विधान से वैदिक मंत्र पढ़े गए और आतंकवाद की समाप्ति का संकल्प लिया गया.

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