जेल में 5 घंटे पूछताछ, कहां गया राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का पैसा...आरोपियों ने खोले कई राज

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है. ट्रस्ट की अहम बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला संभव है. वहीं पुलिस जेल में पूछताछ के बाद आरोपियों की कस्टडी रिमांड लेकर चोरी की रकम और उससे खरीदी गई संपत्तियों की पड़ताल तेज करने की तैयारी में है.

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जेल में 5 घंटे पूछताछ, आरोपियों ने खोले कई राज (Photo: file photo) जेल में 5 घंटे पूछताछ, आरोपियों ने खोले कई राज (Photo: file photo)

संतोष शर्मा

  • अयोध्या,
  • 06 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:27 AM IST

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होने जा रही है. इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं क्योंकि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला लिया जा सकता है. दोनों पदाधिकारियों ने 26 जून को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिसकी पुष्टि अगले दिन ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने की थी. सूत्रों का कहना है कि बैठक में दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए जाने की संभावना है.

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'कहां पर यूज हुई चढ़ावा चोरी की रकम'

उधर, चढ़ावे की कथित चोरी की जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है. इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से रविवार को जेल के भीतर करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं. सूत्रों के अनुसार, बरामद नकदी के अलावा चोरी की गई रकम का इस्तेमाल किन-किन जगहों पर किया गया, इसका भी विस्तृत ब्यौरा जांच टीम के हाथ लगा है.

बताया जा रहा है कि पूछताछ में चोरी की रकम से खरीदी गई कुछ और अचल संपत्तियों की जानकारी भी सामने आई है. अब पुलिस इन तथ्यों का सत्यापन करने और उनसे जुड़े दस्तावेज जुटाने में लगी हुई है. जांच अधिकारियों का मानना है कि पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने के बाद आरोपियों से और भी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हो सकती हैं.

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आरोपियों को कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी

पुलिस अब अदालत से पांचों आरोपियों की कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है. इस बात पर मंथन चल रहा है कि सभी आरोपियों को एक साथ रिमांड पर लिया जाए या फिर अलग-अलग चरणों में पूछताछ की जाए. यदि अलग-अलग रिमांड ली जाती है तो लवकुश मिश्रा के साथ अनुकल्प मिश्रा और मनीष यादव के साथ रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से संयुक्त रूप से पूछताछ की जा सकती है.

जांच एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि चोरी की पूरी रकम कहां-कहां खर्च की गई, किन लोगों को इसका लाभ मिला और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी रही है. पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, पूछताछ और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में ट्रस्ट की बैठक और पुलिस की अगली कार्रवाई, दोनों ही इस चर्चित मामले की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती हैं.
 

 

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