PGI धर्मांतरण केस: 25 दिनों से लापता लड़की, इरशाद अली भी गायब, छुट्टी पर गए संदिग्ध डॉक्टर

लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से जुड़ा 21 वर्षीय युवती के लापता होने और कथित धर्मांतरण का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. परिजनों ने एक युवक और पीजीआई से जुड़े डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. 25 दिन बाद भी युवती का सुराग नहीं मिलने से पुलिस पर दबाव बढ़ गया है, जबकि विभिन्न संगठन गिरफ्तारी और बरामदगी की मांग कर रहे हैं.

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PGI धर्मांतरण केस में 25 दिनों से लापता लड़की (Photo: itg) PGI धर्मांतरण केस में 25 दिनों से लापता लड़की (Photo: itg)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 16 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:33 AM IST

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पीजीआई परिसर से जुड़े कथित धर्मांतरण और 21 वर्षीय युवती के लापता होने के मामले ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. युवती के परिजनों ने आरोप लगाया है कि इरशाद अली नामक युवक उनकी बेटी का धर्म परिवर्तन कराना चाहता था और उसे सीरिया ले जाने की बातें करता था. परिवार ने यह भी दावा किया है कि पीजीआई से जुड़े एक डॉक्टर का उसे संरक्षण प्राप्त था.

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25 दिन बाद भी लड़की लापता

घटना के 25 दिन बीत जाने के बावजूद न तो युवती का कोई पता चल सका है और न ही मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो पाई है. इसी को लेकर नाराज हिंदू संगठनों ने ज्वाइंट कमिश्नर कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है.

उधर, फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने विशेष क्राइम टीमों को लगाया है. परिजनों के अनुसार युवती पिछले 25 दिनों से लापता है और आरोपी उसे अपने साथ ले गया है. मामले में संदेह के घेरे में आए डॉक्टर अजमल फिलहाल छुट्टी लेकर कश्मीर गए हुए हैं. पुलिस उनसे जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है. हिंदू संगठनों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और युवती की सकुशल बरामदगी की मांग की है.

छुट्टी पर कश्मीर गए डॉक्टर अजमल

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इस कथित धर्मांतरण मामले में 9 जून को आजतक पर खबर प्रसारित होने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है. युवती की तलाश के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं, जबकि आरोपी इरशाद की लोकेशन ट्रेस करने के लिए सर्विलांस की मदद ली जा रही है. जांच के दौरान दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है, जिनसे महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है. 

जानकारी के अनुसार,डॉक्टर अजमल पर दो मस्जिदों के निर्माण में भूमिका निभाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं. इनमें एक मस्जिद पीजीआई परिसर में और दूसरी जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में होने की बात कही जा रही है.

परिजनों का आरोप है कि इरशाद अली पहले से परिवार के संपर्क में था और उसका घर पर नियमित आना-जाना था. उनका कहना है कि उसके खिलाफ पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन उस समय कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. परिवार ने पीजीआई के एक डॉक्टर पर भी आरोपी की मदद करने का आरोप लगाया है. हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

सीरिया ले जाने की धमकी

परिवार के मुताबिक, रक्षाबंधन के अवसर पर इरशाद उनके घर आया था और युवती से राखी भी बंधवाई थी. इसके बाद उसका परिवार से संपर्क बढ़ता गया. आरोप है कि बाद में उसने युवती को फोन पर परेशान करना शुरू कर दिया और उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें भी अपने पास रख लीं. परिजनों का दावा है कि विरोध करने पर आरोपी ने युवती को सीरिया भेजने जैसी बातें भी कही थीं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.
 

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