PCS अफसर की काली कमाई, मां का बैंक खाता और 15 लाख रुपये...सीमा चौधरी की पूरी कहानी

हापुड़ में तैनात PCS अधिकारी एवं जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) सीमा चौधरी अपनी ही मां की शिकायत के बाद कानूनी घेरे में आ गई हैं. सहारनपुर में दर्ज एफआईआर में मां ने आरोप लगाया है कि उनके बैंक खाते का इस्तेमाल कथित "काली कमाई" छिपाने, बिना जानकारी 15 लाख रुपये जमा कराने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने की कोशिश की गई. पुलिस ने जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है.

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मां ने अपनी अफसर बेटी पर मुकदमा दर्ज कराया है (Photo: ITG) मां ने अपनी अफसर बेटी पर मुकदमा दर्ज कराया है (Photo: ITG)

राहुल कुमार

  • सहारनपुर ,
  • 03 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:07 AM IST

हापुड़ में तैनात PCS रैंक की जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) सीमा चौधरी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह सरकारी कामकाज नहीं बल्कि उनकी अपनी मां की एक शिकायत है. सहारनपुर की रहने वाली मुनेश रानी ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी ने अपनी 'काली कमाई' छिपाने के लिए उनके नाम के बैंक खाते का इस्तेमाल किया, बिना जानकारी 15 लाख रुपये जमा कराए और बाद में भू-माफिया से मिलकर उनकी जमीन हड़पने की साजिश रची. शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने सीमा चौधरी समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.

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पुलिस के मुताबिक, सहारनपुर के थाना सरसावा में 30 जून को मुनेश रानी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया. एफआईआर में सीमा चौधरी के अलावा संजीव कुमार, गंभीर, राजेंद्र राणा और नरेश कुमार को भी नामजद किया गया है. शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने सबसे पहले 13 मई को थाना सरसावा में शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद मामला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) तक पहुंचा. एसएसपी के निर्देश पर शिकायत की जांच कराई गई और प्रथम दृष्टया आरोप सामने आने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया.

मां के खाते में 15 लाख रुपये आने का दावा

एफआईआर के अनुसार, मुनेश रानी ने आरोप लगाया है कि गाजियाबाद स्थित आईसीआईसीआई बैंक में उनके नाम से खाता खुलवाया गया था, लेकिन उसका संचालन उनकी बेटी करती थीं. उन्हें खाते में होने वाले लेनदेन की जानकारी नहीं दी जाती थी. शिकायत के मुताबिक, एक दिन मोबाइल पर बैंक का संदेश आने के बाद उन्हें पता चला कि खाते में 15 लाख रुपये जमा हुए हैं. बैंक पहुंचकर जानकारी लेने पर उन्हें इस राशि का पता चला. शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह धनराशि उनकी जानकारी या अनुमति के बिना खाते में जमा कराई गई और उनके खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध आय छिपाने के लिए किया गया. पुलिस फिलहाल इन आरोपों की जांच कर रही है और बैंक रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में शामिल किए जा सकते हैं.

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जमीन हड़पने की साजिश का भी आरोप

एफआईआर में बैंक खाते के अलावा जमीन विवाद का भी उल्लेख है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनकी संपत्ति हड़पने के लिए सुनियोजित साजिश रची गई. शिकायत के अनुसार, 16 सितंबर 2023 की एक कथित रसीद तैयार की गई, जिस पर उनके जाली हस्ताक्षर किए गए. उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी तहसील प्रशासन से मिली. बाद में हस्ताक्षरों की जांच कराई गई, जिसमें कथित तौर पर हस्ताक्षर मेल नहीं खाने की बात सामने आई. मुनेश रानी का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई. उन्होंने यह भी दावा किया कि डर के कारण उन्हें अपनी जमीन देहरादून निवासी नैन्सी जोशी के नाम बेचनी पड़ी.

पुलिस ने क्या कहा

नकुड़ क्षेत्र के सीओ पवन कुमार ने बताया कि मुनेश रानी की शिकायत की जांच कराई गई थी. जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे आरोप सामने आने पर मुकदमा दर्ज किया गया है. अब पूरे मामले की विवेचना की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सभी दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी. जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी. पुलिस अब बैंक खाते में हुए लेनदेन, कथित फर्जी दस्तावेज, जमीन से जुड़े अभिलेख, हस्ताक्षरों की जांच रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की पड़ताल करेगी. जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास करेंगी कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में उपलब्ध दस्तावेज और अन्य साक्ष्य क्या कहते हैं. यदि विवेचना में नए तथ्य सामने आते हैं तो कार्रवाई का दायरा भी बढ़ सकता है.

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अभी जांच जारी, आरोप सिद्ध होना बाकी

फिलहाल यह पूरा मामला पुलिस विवेचना के अधीन है. एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही यह तय होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और किसके खिलाफ क्या कार्रवाई बनती है. 

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