उत्तर प्रदेश के इटावा में एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है. यहां रेलवे ट्रैक के किनारे एक व्यक्ति द्वारा लाल गमछा लहराने के कारण आगरा-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकना पड़ा. आरपीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया है.
आपको बता दें कि शिकोहाबाद आरपीएफ प्रभारी व इटावा इंचार्ज कृष्ण गोपाल के नेतृत्व में आरपीएफ टीम ने मंगलवार को इटावा-सरायभूपत रेलवे ट्रैक पर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन के सामने लाल गमछा लहराकर उसे जबरन रुकवाने वाले 52 वर्षीय शंभू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. ट्रैक के किनारे उत्तरी तरफ खड़े इस व्यक्ति द्वारा लाल केसरिया गमछा तेजी से घुमाए जाने को चालक ने खतरे का संकेत समझा और तत्काल आपातकालीन ब्रेक लगा दिए. आरपीएफ ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दाखिल कर उसे अलीगढ़ मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की तैयारी की है, जहां उस पर पेनल्टी और सजा दोनों तय हो सकते हैं.
गर्मी लगी या ट्रेन रोकने की थी कोशिश?
इटावा-सरायभूपत रेलवे ट्रैक के पास जब यह घटना हुई, तब शंभू सिंह वहां लाल केसरिया रंग का गमछा तेजी से घुमा रहा था. उसे गर्मी लग रही थी या फिर वह जानबूझकर ट्रेन के सामने गमछा लहरा रहा था, इसका सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका. हालांकि, ट्रेन के चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए इसे खतरे का सिग्नल माना और तुरंत आपातकालीन ब्रेक लगा दिए जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. इमरजेंसी ब्रेक लगते ही ट्रेन में मौजूद आरपीएफ एस्कॉर्ट स्टाफ तुरंत हरकत में आया और मौके से उस व्यक्ति को दबोचकर आरपीएफ पोस्ट इटावा ले आया.
जांच में मानसिक रूप से अस्वस्थ मिला आरोपी
आरपीएफ की पूछताछ में आरोपी की पहचान शंभू सिंह (उम्र 52 वर्ष) के रूप में हुई, जो थाना बढ़पुरा के चकरनगर रोड स्थित ग्राम रमी का वर का निवासी है. आरपीएफ ने जब उसके परिजनों को सूचित कर मौके पर बुलाया, तो उन्होंने शंभू सिंह के मानसिक उपचार से संबंधित चिकित्सकीय प्रमाण पत्र पुलिस के सामने पेश किए. परिजनों के मुताबिक, शंभू मानसिक बीमारी से पीड़ित है और उसका नियमित इलाज चल रहा है. इस खुलासे के बाद आरपीएफ ने उसे चिकित्सकीय परीक्षण और जांच के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है.
अलीगढ़ मजिस्ट्रेट के सामने होगी पेशी
आरपीएफ प्रभारी कृष्ण गोपाल ने बताया कि इस मामले में युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली गई है. उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत अलीगढ़ मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा. इस लापरवाही और कृत्य के लिए उस पर क्या पेनल्टी लगेगी और क्या सजा होगी, इसका अंतिम फैसला मजिस्ट्रेट द्वारा ही तय किया जाएगा.
अमित तिवारी