कोई जमीन पर लेटा, कोई कंधे पर सवार... लखनऊ में वॉर मॉकड्रिल का ऐसे हुआ अभ्यास, Video

भारत पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार की तैयारियां तेज हो गई हैं. भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) ने 7 मई को देशभर में एक व्यापक मॉक ड्रिल करने का आदेश दिया है. इसी क्रम में लखनऊ में मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया.

Advertisement
लखनऊ में वॉर मॉकड्रिल का ऐसे हुआ अभ्यास लखनऊ में वॉर मॉकड्रिल का ऐसे हुआ अभ्यास

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 06 मई 2025,
  • अपडेटेड 2:03 PM IST

भारत पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार की तैयारियां तेज हो गई हैं. भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) ने 7 मई को देशभर में एक व्यापक मॉक ड्रिल करने का आदेश दिया है. इसके तहत उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में मॉकड्रिल किया जाएगा. ताकि जंग जैसी स्थिति में लोगों को खुद की जान बचाने और दूसरों की सहायता करने को लेकर जागरूक किया जा सके. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मॉकड्रिल का अभ्यास किया गया.

Advertisement

मॉकड्रिल के अभ्यास का एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें देखा जा सकता है कि जंग जैसी स्थिति में सायरन बजने पर खुद को बचाने के लिए लोग जिस जगह पर हैं, वहीं पर लेट जा रहे हैं. अभ्यास के दौरान यह भी बताया जा रहा है कि अगर कोई घायल होता है तो उसे कैसे कंधे पर बिठाकर या अन्य तरीकों से अस्पताल पहुंचाया जाए. वहीं, अगर युद्ध के दौरान विस्फोटक से आग लगती है तो कैसे आग को बुझाया जाए.

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान की अब खैर नहीं... वॉर मॉक ड्रिल की देशभर में तैयारी, दिल्ली में PM मोदी कर रहे NSA डोभाल के साथ बैठक

जम्मू-कश्मीर से भी मॉक ड्रिल के अभ्यास का वीडियो आया सामने 

जंग जैसी स्थिति से निपटने के लिए जम्मू-कश्मीर के एक स्कूल से भी मॉकड्रिल के अभ्यास का वीडियो सामने आया है. जिसमें देखा जा सकता है कि बच्चे क्लासरूम में बैठे हुए हैं. जैसे ही सायरन बजता है सभी अपनी सीट के नीचे दुपक जाते हैं. इस दौरान सभी बच्चों ने अपना कान भी बंद किया हुआ है. 

Advertisement

7 मई को होगी मॉक ड्रिल

मॉक ड्रिल 7 मई को होगी. इस दौरान एयर रेड वार्निंग सायरन बजा कर यह चेक किया जाएगा कि आपातकालीन चेतावनी प्रणाली सही तरीके से काम कर रही है या नहीं. इसके अलावा लोग इसके लिए कितना तैयार हैं यह भी देखा जाएगा. मॉर्क ड्रिल के दौरान आपातकालीन स्थितियों में आत्म-सुरक्षा और प्रतिक्रिया के लिए नागरिकों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा. निगरानी से बचाव के लिए आवश्यकतानुसार ब्लैकआउट की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया जाएगा.

किसी भी स्थिति में सुरक्षित जगह पर जाने की भी प्रैक्टिस होगी.  चुने गए जिले में मॉक ड्रिल का समय और स्थान स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित किया जाएगा. इस अभ्यास में सिविल डिफेंस, पुलिस, अग्निशमन सेवाएं, आपदा प्रतिक्रिया बल, होम गार्ड्स, राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), और स्कूल-कॉलेज के छात्र भाग लेंगे. 
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »