पहले मामूली चोट समझी, फिर पता चला सिर में फंसी है गोली… लखनऊ में 3 साल की बच्ची को किसने बनाया निशाना?

लखनऊ में सनसनीखेज और रहस्यमयी घटना सामने आई है. यहां घर की छत पर खेल रही तीन साल की बच्ची के सिर में गोली लग गई. परिजनों ने पहले मामूली चोट समझा, मगर बाद में जब खुलासा हुआ तो घबरा गए. डॉक्टरों ने बच्ची के दिमाग में फंसी गोली की पुष्टि की है. घंटों चले ऑपरेशन के बाद गोली निकाली गई, लेकिन गोली कहां से आई, यह सवाल पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है.

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सर्जरी कर निकाली गई सिर में फंसी गोली. (Photo: Representational) सर्जरी कर निकाली गई सिर में फंसी गोली. (Photo: Representational)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 20 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 3:36 PM IST

यूपी की राजधानी लखनऊ के गाजीपुर इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब घर की छत पर खेल रही 3 साल की बच्ची के सिर में गोली लग गई. बच्ची टीन शेड के नीचे खेल रही थी, तभी अचानक तेज आवाज आई और उसके सिर से खून बहने लगा. परिजन घबराकर उसे तुरंत पास के निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने इसे सामान्य चोट समझकर टांके लगाकर घर भेज दिया.

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शाम होते-होते बच्ची की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए. वहां जांच में डॉक्टरों ने बच्ची के सिर में गोली फंसी होने की पुष्टि की. अस्पताल में बेड न मिलने पर बच्ची को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां सीटी स्कैन के बाद करीब 5 घंटे चले ऑपरेशन में डॉक्टरों ने गोली निकाल दी. फिलहाल बच्ची ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

इस पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. छत पर लगे टीन शेड में गोली का निशान मिला है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गोली ऊपर से आई और टीन को चीरते हुए बच्ची के सिर में लगी. पुलिस ने आसपास के घरों में पूछताछ की, लेकिन अब तक न तो कोई लाइसेंसी हथियार मिला है और न ही यह स्पष्ट हो सका है कि गोली किसने चलाई. यही वजह है कि पूरा मामला पुलिस के लिए एक पहेली बना हुआ है.

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बच्ची के पिता रमेश ने गाजीपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है. परिजनों का आरोप है कि अगर निजी अस्पताल में समय रहते सीटी स्कैन या गहन जांच कराई जाती, तो इलाज पहले शुरू हो सकता था. पुलिस अब गोली की दिशा, ऊंचाई और संभावित सोर्स की जांच कर रही है. सवाल है कि रिहायशी इलाके में चली, यह गोली आखिर कहां से आई और इसके पीछे कौन है.

केजीएमसी के न्यूरो सर्जन असिस्टेंट प्रोफेसर अंकुर बजाज ने बताया कि ऑपरेशन करने में तकरीबन 4 से 5 घंटे लगे, जिसमें गोली दिमाग में अलग-अलग तरीके से घूम रही थी. यानी कि जिस जगह पर पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, वह आगे निकल जा रही थी. इस वजह से काफी ज्यादा दिक्कत है. पहली बार इस तरीके का केस सामने आया. गोली का जो साइज है, वह देखने से राइफल की तरह लग रही है. 

हालांकि बच्ची को आईसीयू में एडमिट किया गया है, जहां हालत अब ठीक है. डीसीपी ईस्ट जोन शशांक सिंह के मुताबिक, मामले में जांच हो रही है कि आखिर गोली वहां कैसे पहुंची और किस तरीके से टीन को फाड़कर बच्ची को लगी. मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.

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