'हम चिल्लाते रहे, कोई मदद को नहीं आया...', लवप्रीत ने रोते हुए बयां किया आंखों देखा मंजर, लखनऊ अग्निकांड की 'सुपर एक्सक्लूसिव' गवाही

Lucknow Fire Incident: लव प्रीत ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि आग लगने के बाद वे मदद के लिए चिल्लाते रहे और हर जगह कॉल की, लेकिन प्रशासन समय पर नहीं आया. पूरी रिपोर्ट पढ़ें...

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पिछले 5 महीनों से जॉब कर रही थी दिल्ली की लव प्रीत.(Photo:Screengrab) पिछले 5 महीनों से जॉब कर रही थी दिल्ली की लव प्रीत.(Photo:Screengrab)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 22 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:38 PM IST

UP News: राजधानी लखनऊ के 'हेक्सार स्टूडियो' एनिमेशन और गेमिंग सेंटर में लगी भीषण और दर्दनाक आग के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और संसनखेज खुलासा सामने आया है. इस हादसे से सुरक्षित बची और पिछले 5 महीनों से इस कंपनी में जॉब कर रही दिल्ली की रहने वाली कर्मचारी लवप्रीत ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द बयां किया है, जो सीधे तौर पर राहत और बचाव कार्य में हुई देरी और प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है.

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दिल्ली की रहने वाली लवप्रीत पिछले 5 महीनों से इस कंपनी में बतौर कर्मचारी काम कर रही थीं. उन्होंने 'आजतक' से बातचीत में रोते हुए अपना दर्द बयां किया. 

लवप्रीत ने बताया, "हादसे के वक्त अंदर कोई मदद के लिए नहीं था. हमने हर जगह फोन मिलाया, हम मदद के लिए लगातार चिल्लाते रहे, लेकिन समय पर प्रशासन का कोई व्यक्ति हमारी सुध लेने नहीं आया." देखें VIDEO:- 

3D गेमिंग स्टूडियो और कोर्स सेंटर था 'हेक्सार स्टूडियो'
प्रभावित कंपनी 'हेक्सार स्टूडियो' के बारे में पता चला है कि इस संस्थान में लगभग 30 लोग कार्यरत थे. इनमें मुख्य रूप से 3D गेम डेवलपर और 3D आर्टिस्ट जैसे युवा पेशेवर शामिल थे. स्टूडियो में विभिन्न प्रकार के 3D गेम और डिजिटल एनीमेशन प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाते थे, जिन्हें आगे बड़े क्लाइंट्स और प्लेटफॉर्म्स को भेजा जाता था. इसके साथ ही, यहाँ युवाओं के लिए 3D एनीमेशन से संबंधित कोर्स भी संचालित किए जाते थे.

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बायोमेट्रिक गेट बना मौत की वजह, नहीं था इमरजेंसी एग्जिट
स्थानीय लोगों और प्रारंभिक जांच में भवन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर लापरवाही सामने आई है. दरअसल, दफ्तर का मेन गेट थंब इम्प्रेशन यानी बायोमेट्रिक सिस्टम से खुलता था. आग लगते ही बिजली कटने या तकनीकी खराबी के कारण मुख्य गेट ऑटोमैटिक लॉक हो गया, जिससे अंदर मौजूद युवा बाहर नहीं निकल सके.

इमरजेंसी एग्जिट का न होना: सबसे गंभीर आरोप यह है कि इस पूरी तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में कोई भी इमरजेंसी निकास नहीं बनाया गया था.

खिड़कियों से लगाई छलांग: सीढ़ियों का रास्ता बेहद संकरा था और वहां नीचे उतरने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी. जब धुआं बढ़ा तो दम घुटने के कारण कई लोग बेहोश हो गए, वहीं कई युवाओं ने जान बचाने के लिए खिड़कियों की ग्रिल तोड़कर नीचे छलांग लगा दी.

रामेश्वरम इंस्टीट्यूट का मालिक फरार
इस हादसे के बाद जिम्मेदार लोग अपने मोबाइल फोन बंद करके फरार बताए जा रहे हैं. जांच के अनुसार, जिस जमीन पर यह अवैध बिल्डिंग बनी है, वह वीरेंद्र शुक्ला के नाम पर दर्ज है, जो कि रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के मालिक बताए जा रहे हैं. वहीं, बिल्डिंग का नक्शा सुरेंद्र शुक्ला और धीरेंद्र शुक्ला के नाम पर स्वीकृत है. हादसे के बाद से ही ये सभी फोन बंद कर गायब हैं.

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CM हाउस पर हाई-लेवल मीटिंग, सीएम योगी बेहद नाराज
लखनऊ अग्निकांड की भयावहता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद नाराज हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री आवास पर एक आपातकालीन हाई-लेवल बैठक बुलाई है. इस घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी ने मंगलवार होने वाले अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है.

इस बैठक में डीजीपी (DGP) राजीव कृष्ण, एसीएस (ACS) गृह संजय प्रसाद सहित एलडीए (LDA), नगर निगम और फायर ब्रिगेड विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि इस लापरवाही के पीछे जो भी दोषी होगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. बैठक के बाद सरकार की तरफ से किसी बड़े और कड़े फैसले का ऐलान किया जा सकता है.

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