लखनऊ के अलीगंज इलाके में इमारत में लगी भीषण आग से जान बचाकर निकले एक प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद आसिफ ने घटना की भयावहता बयान की है. आग में फंसे कलाकार ने बताया कि इमारत के अंदर हालात इतने खराब हो गए थे कि बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था.
आजतक से बातचीत में युवक ने बताया कि वह और उसके साथी दूसरी मंजिल पर मौजूद थे, तभी आग तेजी से फैलने लगी. चारों तरफ धुआं और लपटें थीं. जान बचाने के लिए उन्हें जोखिम उठाना पड़ा और जलती हुई तार के सहारे नीचे उतरने की कोशिश करनी पड़ी.
प्रत्यक्षदर्शी ने अपने जले हुए हाथ कैमरे पर दिखाते हुए कहा, 'हमारे हाथ जल गए. पीछे से कूदना पड़ा. नीचे आने के लिए जलते हुए वायर का सहारा लेना पड़ा. चारों तरफ आग लगी हुई थी और हम अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे.'
'3D आर्टिस्ट के तौर पर काम करते थे'
मोहम्मद आसिफ उस इमारत में 3D आर्टिस्ट के तौर पर काम करते थे, उन्होंने बताया कि आग लगने की जानकारी उन्हें उनके सीनियर से मिली. सीनियर ने आकर कहा कि नीचे आग लग गई है, इसलिए सिस्टम बंद कर बाहर निकलने की तैयारी करें.
शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि आग इतनी तेजी से फैल चुकी है. जब कर्मचारी बाहर निकलने लगे तो देखा कि पूरा ऑफिस धुएं से भर गया है और नीचे से आग ऊपरी मंजिलों तक पहुंच रही है. धुएं के कारण कॉरिडोर पूरी तरह बंद हो गया था और सांस लेना मुश्किल हो रहा था.
25 से 30 लोग मौजूद थे
आसिफ के अनुसार, उस समय इमारत में करीब 25 से 30 लोग मौजूद थे, जिनमें सभी प्रोफेशनल 3D आर्टिस्ट थे. उन्होंने बताया कि यह एक गेमिंग स्टूडियो था, जहां गेमिंग से जुड़ा काम किया जाता था. उनका दावा है कि आग नीचे स्थित पेट शॉप के गोदाम में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जहां बड़ी मात्रा में डॉग फूड रखा हुआ था.
आग फैलने के बाद बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा था. जान बचाने के लिए कई लोगों ने खिड़की का सहारा लिया, जबकि कुछ लोग बाथरूम में छिप गए. आसिफ ने बताया कि वह और उनके साथी जलते हुए बिजली के तार पकड़कर किसी तरह नीचे उतरे, जिससे उनकी उंगलियां भी बुरी तरह झुलस गईं.
कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था
उन्होंने कहा कि इमारत में कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था, इसलिए लोग अंदर फंस गए. उनके मुताबिक, करीब 10 से 11 लोग ही सुरक्षित बाहर निकल पाए, जबकि बाकी लोग धुएं और आग के बीच फंस गए थे. उन्होंने इस हादसे को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि वहां मौजूद लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश की, लेकिन हालात इतने खराब थे कि बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया था.
आशीष श्रीवास्तव