कानपुर: एक्वेरियम का प्लग बंद होने से मर गई थीं मछलियां, सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका कृष्णकांत, मौत को लगाया गले

कानपुर के कैंटोनमेंट में एक्वेरियम की लाइट बंद होने से विदेशी मछलियों की मौत हो गई. इस बात से नाराज और दुखी होकर शौकीन युवक कृष्णकांत ने फांसी लगाकर जान दे दी. पूरी खबर पढ़ें...

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एक्वेरियम की लाइट बंद होने से तड़पकर मरीं विदेशी मछलियां.(Photo:ITG) एक्वेरियम की लाइट बंद होने से तड़पकर मरीं विदेशी मछलियां.(Photo:ITG)

रंजय सिंह

  • कानपुर ,
  • 14 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:28 PM IST

उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां के कैंटोनमेंट इलाके में रहने वाले एक युवक ने अपने एक्वेरियम (मछली घर) की मछलियां मरने से दुखी होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. युवक को मछलियां पालने का इस कदर शौक और दीवानगी थी कि वह उनकी मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका. घर में एक्वेरियम की लाइट बंद होने की वजह से कुछ विदेशी मछलियों की मौत हो गई थी, जिससे नाराज होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया.

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दरअसल, कानपुर के कैंटोनमेंट इलाके में नाथूलाल अपने परिवार के साथ रहते हैं. उनके 4 बेटों में से एक बेटा कृष्णकांत बेजुबान जानवरों और मछलियों को पालने का बेहद शौकीन था. उसने अपने घर की शोभा बढ़ाने के लिए एक-दो नहीं, बल्कि चार-चार बड़े एक्वेरियम लगा रखे थे. कृष्णकांत इन मछलियों को बेहद जतन से खरीदकर लाया था, जिनमें कई महंगे और विदेशी प्रजाति के जीव शामिल थे. घर के लोग भी उसकी इस पसंद को काफी सराहते थे.

'लाइट किसने बंद की?'... मां से पूछा और फिर जो हुआ
कृष्णकांत की मां ममता ने बताया कि शनिवार को कृष्णकांत अपने ऊपर वाले कमरे में किसी से फोन पर बात कर रहा था. जब वह नीचे आया, तो उसने देखा कि उसके एक्वेरियम की लाइट बंद थी और ऑक्सीजन न मिलने के कारण कुछ कीमती विदेशी मछलियां तड़पकर मर चुकी थीं.

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यह देखते ही कृष्णकांत का दिल टूट गया. उसने सबसे पहले एक्वेरियम से मरी हुई मछलियों को निकालकर बाहर फेंका. इसके बाद उसने बेहद दुखी और नाराज होते हुए अपनी मां से पूछा, "मां, एक्वेरियम की लाइट किसने बंद की थी? मेरी मछलियां मर गईं."

मां ने सहज भाव से कहा कि किसी ने अनजाने में बंद कर दिया होगा. इसके बाद कृष्णकांत बिना कुछ बोले चुपचाप ऊपर अपने कमरे में चला गया. देखें VIDEO:- 

पालतू कुत्ते के पट्टे से लगा ली फांसी
थोड़ी देर बाद जब मां ने अपनी पोती से कहा कि जाकर चाचा को बुला लाओ ताकि सब मिलकर खाना खा लें, तो बच्ची ऊपर कमरे में गई. वहां का नजारा देखकर उसकी चीख निकल गई. कृष्णकांत ने कमरे के अंदर अपने पालतू कुत्ते के पट्टे का इस्तेमाल कर फांसी लगा ली थी और वह फंदे से लटक रहा था. आनन-फानन में परिवार के लोग उसे नीचे उतारे, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं.

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
इस घटना के बाद से कृष्णकांत के घर में मातम पसरा हुआ है. परिजन अब इस बात पर गहरे अफसोस में हैं कि अनजाने में हुए इस हादसे की कृष्णकांत ने इतनी बड़ी कीमत चुकाई. रोते हुए परिजनों ने कहा, "अगर मछलियां मर गई थीं, तो वह नई मछलियां बाजार से ले आता. किसी ने जानबूझकर तो उन्हें नहीं मारा था. सिर्फ इस बात के लिए अपनी जान दे दी और हमें जीवन भर का दुख दे दिया."

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घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. मामले की जांच कर रहे अधिकारी अमित चौरसिया ने बताया कि कृष्णकांत नाम के युवक ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की है. पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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