कानपुर के कल्याणपुर इलाके में क्लीनिक के इंटीरियर कार्य से जुड़े महज 3 हजार रुपये के भुगतान विवाद ने शनिवार रात बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया. विवाद इतना बढ़ गया कि महिला डॉक्टर की कार में तोड़फोड़ हो गई और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस के पास पहुंच गए. पूरे घटनाक्रम के दौरान इलाके में तनाव का माहौल बना रहा और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.
जानकारी के अनुसार, केशवपुरम निवासी संजय यादव की आरुष इंटीरियर फर्म ने डॉ. मधुलिका शुक्ला के क्लीनिक में इंटीरियर का काम किया था. कारोबारी संजय यादव का दावा है कि काम पूरा होने के बाद एक इलेक्ट्रिशियन के करीब 3 हजार रुपये का भुगतान बाकी रह गया था. इसी भुगतान को लेकर इलेक्ट्रिशियन और डॉक्टर के बीच फोन पर विवाद हो गया.
बकाया भुगतान को लेकर शुरू हुआ विवाद
संजय यादव का कहना है कि विवाद बढ़ने पर उन्होंने खुद ही इलेक्ट्रिशियन को पैसे देकर मामला शांत कराने की कोशिश की. हालांकि इसके बाद भी दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा. मामला पुलिस चौकी तक पहुंचा, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता भी कराया गया था.
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद फिर बढ़ा तनाव
संजय यादव का आरोप है कि समझौते के बावजूद डॉ. मधुलिका शुक्ला ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के साथ फोटो साझा कर दी. इसे लेकर उन्होंने दोबारा पुलिस से शिकायत की और कार्रवाई की मांग की. आरोप है कि शनिवार देर रात डॉ. मधुलिका अपने कुछ परिचितों के साथ संजय यादव के घर के बाहर पहुंचीं और वहां वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगीं. इसकी जानकारी होने पर संजय यादव और उनके परिवार के सदस्य घर से बाहर आ गए. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और माहौल गर्म हो गया.
कार घिरने के बाद बिगड़ा माहौल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर डॉक्टर और उनके साथ मौजूद लोग कार में बैठ गए. इसी दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कार को घेर लिया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीड़ से निकलने की कोशिश में कार आगे बढ़ाई गई, जिससे कुछ लोगों को चोट लगने का खतरा पैदा हो गया. इसके बाद गुस्साए लोगों ने कार पर हमला कर दिया. आरोप है कि कार के शीशों समेत कई हिस्सों को नुकसान पहुंचाया गया. देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और विवाद और बढ़ गया.
डॉक्टर ने लगाए मारपीट और लूटपाट के आरोप
वहीं डॉ. मधुलिका शुक्ला ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई. उन्होंने कहा कि उनकी कार में तोड़फोड़ की गई और उनकी चेन भी छीन ली गई. डॉक्टर का कहना है कि इंटीरियर कार्य का पूरा भुगतान पहले ही किया जा चुका है और उनके पास इससे जुड़े सभी दस्तावेज मौजूद हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के बाद उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है. डॉक्टर के अनुसार, उन्होंने केवल अपने पक्ष को सामने रखने की कोशिश की थी.
पुलिस मामले की जांच में जुटी
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि शुरुआती जांच में कार चढ़ाकर लोगों को कुचलने जैसी बात सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ और किस पक्ष की क्या भूमिका रही.
सिमर चावला