Uttar Pradesh News: उन्नाव जिले के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में देर रात हुई एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान साधु रामदास उर्फ मिलन सिंह की दिनदहाड़े हत्या करने का मुख्य आरोपी इसराइल मारा गया है. घूरे टोला मोहल्ले में निर्माणाधीन राम मंदिर में साउंड बजाने के विवाद को लेकर 9 जून को साधु की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस जघन्य अपराध के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी. देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई इस जवाबी कार्रवाई में मुख्य अभियुक्त ढेर हो गया, जिसके बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
आरोपी के भाई को नहीं है कोई अफसोस
मुठभेड़ में मारे गए मुख्य आरोपी इसराइल के सगे भाई गुड्डू ने इस पूरी घटना पर बेहद बेबाक बयान दिया है. भाई गुड्डू ने साफ शब्दों में कहा कि इसराइल ने जो किया था वह बेहद गलत था और उसे अपने भाई की मौत पर कोई अफसोस नहीं है. उसने बहुत बड़ी गलती की थी क्योंकि उसने एक निर्दोष बाबा को मारा था. गुड्डू ने कहा कि वह गलत था, तो फिर भले ही हमारा भाई है तो क्या हुआ, उसके कृत्य को सही नहीं ठहराया जा सकता.
साधु के परिवार ने जताया योगी का आभार
इस एनकाउंटर के बाद मृतक साधु बाबा के भाई राजेंद्र ने पुलिस की इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है. राजेंद्र ने कहा कि इस त्वरित कार्रवाई के लिए हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उन्नाव पुलिस का दिल से धन्यवाद करते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि मामले में अभी जो एक अन्य आरोपी फरार चल रहा है, उसका भी जल्द ही यही हश्र होना चाहिए ताकि परिवार को पूरी तरह न्याय मिल सके.
लाउडस्पीकर विवाद में हुई थी हत्या
घटना के अनुसार, 60 वर्षीय बाबा रामदास उर्फ मिलन सिंह पिछले पांच महीनों से अपनी जमीन पर राम मंदिर का निर्माण करवा रहे थे. मंदिर में साउंड बजाने को लेकर कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध किया था और साउंड बंद करवाकर उन्हें अपने साथ ले गए थे, जहां इसराइल और उसके साथियों ने उनकी पीठ में चाकू मारकर हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने अस्पताल में भारी हंगामा भी किया था.
प्रशासन का बुलडोजर और पुलिस की कार्रवाई
साधु की दिनदहाड़े हत्या के बाद क्षेत्र के बीजेपी विधायक श्रीकांत कटियार ने भी मौके पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था. पुलिस ने इस मामले में तीन नामजद समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज दिया था. वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए 10 जून को संदिग्ध आरोपी और क्षेत्रीय सभासद अतीक अहमद की झोपड़ी को बुलडोजर से ढहा दिया था और सभासद को हिरासत में ले लिया था.
सूरज सिंह