ग्रेटर नोएडा के शिवकुमार ने शराब के नशे में अपनी कार गहरे पानी में डूबने की झूठी सूचना पुलिस को दी. उसने पुलिस से कहा कि उसे जल्दी बचाया जाए, वरना वह डूब जाएगा. कुछ महीने पहले नोएडा में युवराज नामक युवक की पानी में डूबने से हुई मौत की घटना के चलते पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया. आनन-फानन में भारी पुलिस बल के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और गोताखोरों को तुरंत मौके के लिए रवाना कर दिया गया. लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद जो सच्चाई पता चली उससे पुलिस दंग रह गई.
कीचड़ में फंसी थी कार और अंदर बैठा था जोड़ा
दनकौर थाना प्रभारी मनोज सिंह चौहान के नेतृत्व में जब पुलिस टीम आपातकालीन अमले के साथ मंझावली पुल के पास पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गई. शिवकुमार की कार किसी गहरे पानी में नहीं डूबी थी, बल्कि रास्ता कच्चा होने के कारण सड़क किनारे एक हल्के गड्ढे और कीचड़ में फंसी हुई थी. गाड़ी के अंदर आरोपी शिवकुमार अपनी एक महिला मित्र यानी गर्लफ्रेंड के साथ सुरक्षित बैठा हुआ था. जांच में पता चला कि उसने अत्यधिक शराब का सेवन किया हुआ था.
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कार निकलवाने के लिए पुलिस को किया गुमराह
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि शिवकुमार अपनी महिला मित्र के साथ मंझावली पुल की तरफ घूमने के लिए निकला था. जब उसकी गाड़ी कीचड़ में फंस गई और लाख कोशिशों के बाद भी बाहर नहीं निकली, तो उसने दिमाग चलाया. गाड़ी को कीचड़ से आसानी से निकलवाने के शॉर्टकट उद्देश्य से उसने पुलिस को कार डूबने और खुद की जान खतरे में होने की झूठी कहानी गढ़कर अधिकारियों को गुमराह कर दिया.
शांति भंग का मामला दर्ज और आरोपी पहुंचा जेल
शराबी युवक की इस करतूत से मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी. दनकौर पुलिस ने सरकारी तंत्र को परेशान करने, झूठी सूचना देने और शांति भंग करने के आरोप में शिवकुमार को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी शिवकुमार का मेडिकल परीक्षण करवाया, जिसके बाद उसे कोर्ट के सामने पेश किया गया. अदालत के आदेश पर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है.
अरुण त्यागी