41 करोड़ रुपये का गांजा, चरस और हेरोइन भट्टी में झोंक दिया गया, गोंडा में चला 'ऑपरेशन दहन'

गांजा, चरस, हेरोइन, स्मैक और कोकीन... वो नशा, जो हजारों जिंदगियों को बर्बाद कर सकता था, उसे गोंडा के एक चीनी मिल में धधकती भट्टी में झोंक दिया गया. पुलिस और प्रशासन ने 'ऑपरेशन दहन' चलाकर 15 क्विंटल से ज्यादा मादक पदार्थों को नष्ट कराया है. इस पूरे जखीरे की कीमत 41 करोड़ 60 लाख रुपये थी. ये ड्रग्स जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज 898 मामलों में बरामद किए गए थे.

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15 क्विंटल 11 किलोग्राम से ज्यादा नशीले पदार्थ हुए थे बरामद. (Photo: Screengrab) 15 क्विंटल 11 किलोग्राम से ज्यादा नशीले पदार्थ हुए थे बरामद. (Photo: Screengrab)

अंचल श्रीवास्तव

  • गोंडा,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:46 AM IST

यूपी के गोंडा में 41 करोड़ 60 लाख रुपये कीमत के नशीले पदार्थों को प्रशासन ने एक प्राइवेट चीनी मिल की भट्टी में जलाकर नष्ट कर दिया. इस पूरी कार्रवाई को 'ऑपरेशन दहन' नाम दिया गया. दरअसल, ये मादक पदार्थ एक-दो मामलों में नहीं, बल्कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 898 मामलों में बरामद किए गए थे. वर्षों के दौरान अलग-अलग थानों की कार्रवाई में जब्त किए गए इन नशीले पदार्थों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नष्ट किया गया.

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गोंडा के अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय ने बताया कि जिला ड्रग डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में मैजापुर चीनी मिल में यह कार्रवाई की गई. सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए जब्त नशीले पदार्थों को मिल की भट्टी में पूरी तरह जलाकर नष्ट कर दिया गया.

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अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो नष्ट किए गए मादक पदार्थों की मात्रा भी कम नहीं थी. पुलिस के मुताबिक, सबसे ज्यादा 1285.7 किलोग्राम गांजा था. इसके अलावा 52.57 किलोग्राम चरस, 95.71 किलोग्राम डोडा, 6.1186 किलोग्राम स्मैक, 0.1136 किलोग्राम हेरोइन, 0.878 किलोग्राम अफीम और 0.045 किलोग्राम कोकीन भी नष्ट की गई. कुल 1511.763 किलोग्राम नशीले पदार्थ भट्टी में झोंक दिए गए.

यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में NCB का बड़ा एक्शन, नष्ट किया गया 4000 किलोग्राम मादक पदार्थ

पुलिस का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी अनुमानित कीमत करीब 41 करोड़ 60 लाख रुपये थी. यानी इतना बड़ा जखीरा अगर अवैध बाजार तक पहुंच जाता, तो साचिए कितने लोग प्रभावित होते.

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कार्रवाई के दौरान मौजूद अधिकारियों ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के मामलों में बरामद मादक पदार्थों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक रखा जाता है. इसके बाद जिला ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में उनका निस्तारण किया जाता है, ताकि उनका दोबारा इस्तेमाल या अवैध कारोबार में इस्तेमाल न हो सके.

पुलिस का दावा है कि जिले में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं. 'ऑपरेशन दहन' भी उसी कड़ी का हिस्सा है. प्रशासन का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी और कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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